सतना के परसमनिया गढ़ी किले में हुए गोलीकांड की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती तौर पर वैवाहिक विवाद माना जा रहा मामला अब पेट्रोल पंप, प्रस्तावित रिजॉर्ट प्रोजेक्ट और संपत्ति नियंत्रण से जुड़ी कारोबारी प्रतिस्पर्धा से जुड़ा बताया जा रहा है।
सतना: मध्य प्रदेश के नागौद राजघराने में सामने आए गोलीकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परसमनिया गढ़ी किले में हुई फायरिंग की घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ यह मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके पीछे करोड़ों रुपये की संपत्तियों, व्यावसायिक हितों और उत्तराधिकार से जुड़े विवादों की परतें भी सामने आ रही हैं।
ऐतिहासिक किले में हुई फायरिंग से मचा हड़कंप
सतना जिले के ऐतिहासिक परसमनिया गढ़ी किले में 11 जून को हुई फायरिंग की घटना ने पूरे विंध्य क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। घटना में राजघराने से जुड़ी योगिता सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पेट में गोली लगने के बाद तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने मामले में सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लाइसेंसी .22 बोर राइफल भी बरामद की गई है। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।
वैवाहिक विवाद से आगे बढ़ी जांच
प्रारंभिक जानकारी में यह मामला पारिवारिक और वैवाहिक विवाद से जुड़ा माना जा रहा था। बताया गया कि राजघराने के सदस्य रूपेंद्र कुमार सिंह और उनकी पत्नी योगिता सिंह के बीच पिछले कुछ समय से कानूनी विवाद चल रहा था।
हालांकि जांच में सामने आए तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि विवाद केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं था। पुलिस और जांच एजेंसियां अब संपत्ति, कारोबारी हितों और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
पेट्रोल पंप और रिजॉर्ट प्रोजेक्ट बना चर्चा का केंद्र
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार विवाद के केंद्र में एक पेट्रोल पंप के संचालन और स्वामित्व से जुड़े मुद्दे भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा परसमनिया गढ़ी किले परिसर में प्रस्तावित एक लक्जरी रिजॉर्ट परियोजना को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि इन परियोजनाओं से भविष्य में बड़े आर्थिक लाभ की संभावना थी। इसी कारण संपत्ति और व्यावसायिक नियंत्रण को लेकर राजघराने के विभिन्न पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।
उत्तराधिकार और संपत्ति प्रबंधन की भी जांच
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या विवाद का संबंध भविष्य में संपत्ति के उत्तराधिकार और नियंत्रण से भी जुड़ा था। राजघराने की कई संपत्तियां और व्यावसायिक गतिविधियां इस समय जांच के दायरे में हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं, घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और विवाद का वास्तविक कारण क्या था। साथ ही आर्थिक और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।










