NEET UG Re-Exam 2026: फिजिक्स ने बढ़ाई छात्रों की मुश्किलें, कानपुर में 19,042 अभ्यर्थी हुए शामिल

कानपुर में NEET UG 2026 री-एग्जाम 41 केंद्रों पर हुआ। 19,042 अभ्यर्थी शामिल हुए। छात्रों ने फिजिक्स को कठिन, केमिस्ट्री को मध्यम और बायोलॉजी को आसान बताया।

कानपुर में NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा 41 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुई। परीक्षा में 19,042 अभ्यर्थी शामिल हुए। छात्रों ने फिजिक्स को सबसे कठिन, केमिस्ट्री को मध्यम और बायोलॉजी को अपेक्षाकृत आसान बताया।

कानपुर: पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार को कानपुर के 41 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में शामिल हुए अधिकांश अभ्यर्थियों ने फिजिक्स सेक्शन को सबसे चुनौतीपूर्ण बताया। छात्रों के अनुसार इस बार सवाल केवल याददाश्त नहीं बल्कि अवधारणात्मक समझ और समय प्रबंधन की भी परीक्षा लेने वाले थे।

कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई परीक्षा

राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET UG) की दोबारा परीक्षा रविवार को शहर के 41 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक पाली में हुई। परीक्षा के लिए कुल 20,505 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 19,042 ने परीक्षा दी, जबकि 1,463 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।

NEET UG Re-Exam 2026: फिजिक्स ने बढ़ाई छात्रों की मुश्किलें, कानपुर में 19,042 अभ्यर्थी हुए शामिल

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा आयोजित कराई गई। सभी परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज जांच के बाद ही प्रवेश सुनिश्चित किया गया।

फिजिक्स का पेपर रहा सबसे चुनौतीपूर्ण

परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को सबसे कठिन विषय बताया। अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार सीधे फॉर्मूला आधारित प्रश्नों की बजाय कॉन्सेप्ट, एप्लीकेशन और न्यूमेरिकल आधारित सवालों पर ज्यादा जोर दिया गया था।

फिजिक्स में सिंपल हार्मोनिक मोशन, एलसीआर सर्किट, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव, एंगुलर मोमेंटम, फ्लूड मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से प्रश्न पूछे गए। कई सवालों में लंबी गणना करनी पड़ी, जिससे समय प्रबंधन छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

एलसीआर सर्किट और फ्लूड डायनेमिक्स से जुड़े कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को काफी उलझाया। छात्रों का कहना था कि केवल रटकर तैयारी करने वालों के लिए यह सेक्शन कठिन साबित हुआ।

केमिस्ट्री में रहा संतुलित पेपर

छात्रों के मुताबिक केमिस्ट्री का स्तर मध्यम रहा। पेपर में ऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री के प्रश्नों का संतुलन देखने को मिला। बेंजोइल क्लोराइड, गैसीय अवस्था, विटामिन, डाइलेक्ट्रिक माध्यम और विभिन्न कार्बनिक यौगिकों से संबंधित सवाल पूछे गए।

अभ्यर्थियों ने बताया कि जिन छात्रों की एनसीईआरटी पर अच्छी पकड़ थी, उनके लिए केमिस्ट्री अपेक्षाकृत आसान रही। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के दायरे में थे और बहुत अधिक जटिल नहीं थे।

बायोलॉजी ने दी राहत

बायोलॉजी सेक्शन को छात्रों ने सबसे आसान बताया। जूलॉजी और बॉटनी दोनों भागों में एनसीईआरटी आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही। कई प्रश्न सीधे किताब के तथ्यों और अवधारणाओं पर आधारित थे।

अभ्यर्थियों का मानना है कि नियमित रूप से एनसीईआरटी पढ़ने वाले छात्रों को बायोलॉजी में अच्छे अंक हासिल करने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। इस सेक्शन ने फिजिक्स की कठिनाई से जूझ रहे छात्रों को कुछ राहत जरूर दी।

त्रिस्तरीय जांच के बाद मिला प्रवेश

परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। कई छात्र अंतिम समय तक नोट्स और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का रिवीजन करते नजर आए। प्रवेश से पहले त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच की गई। मेटल डिटेक्टर से जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्रों की पुष्टि के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में भेजा गया।

सुरक्षा के तहत कई केंद्रों पर छात्रों के कलावे तक हटवाए गए, जबकि छात्राओं को आभूषण पहनकर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र अपने उत्तरों पर चर्चा करते और संभावित स्कोर का अनुमान लगाते नजर आए।

छात्रों ने बताया कॉन्सेप्ट आधारित रहा पेपर

परीक्षार्थियों का कहना है कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर ऐसा था जिसमें केवल याद की गई जानकारी के आधार पर अच्छे अंक लाना आसान नहीं था। कॉन्सेप्ट की गहरी समझ, विश्लेषण क्षमता और समय प्रबंधन परीक्षा में सफलता के लिए बेहद जरूरी रहे। इसी कारण कई छात्रों ने फिजिक्स सेक्शन को पूरे पेपर का सबसे कठिन हिस्सा बताया।

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