Abhijeet Deepke, जो कथित तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हैं, ने 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले छात्र विरोध प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi को एक पत्र लिखा है।
नई दिल्ली: भारत में NEET परीक्षा विवाद और कथित पेपर लीक के आरोपों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं और कई मांगें रखी हैं।
यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन तेज किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या कहा गया?
अभिजीत दीपके ने अपने पत्र में दावा किया है कि NEET पेपर लीक विवाद के चलते कई छात्रों की मानसिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित रूप से अब तक 11 छात्रों की मौत हुई है, जिनमें से कुछ मामलों को आत्महत्या से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक स्तर पर नहीं की गई है। पत्र में उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और दबाव के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
1 करोड़ रुपये मुआवज़े की मांग
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दीपके ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उन परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए, जिन्होंने परीक्षा विवाद के बीच अपने बच्चों को खो दिया है। उनका कहना है कि कई परिवारों ने शिक्षा के लिए भारी कर्ज लिया था और अब वे आर्थिक व भावनात्मक रूप से संकट में हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें बुनियादी सुरक्षा मिल सके।
पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई है। दीपके का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करना न केवल प्रशासनिक सुधार के लिए जरूरी है, बल्कि यह छात्रों और अभिभावकों के भरोसे को बहाल करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यदि जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, तो यह संदेश जा सकता है कि प्रणाली में सुधार की कोई गंभीर कोशिश नहीं हो रही है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और विरोध प्रदर्शन
अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से परीक्षा सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभियान चला रही है। संगठन ने 20 जून को जंतर-मंतर पर बड़े विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इससे पहले 6 जून को भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों छात्र और युवा जुटे थे, जिन्होंने परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
अपने पत्र में दीपके ने विशेष रूप से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और अनिश्चितता के कारण कई युवा गंभीर तनाव में हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में छात्रों को मानसिक दबाव और निराशा का सामना न करना पड़े।









