IAS योगेश सागर और अभिलाषा के घर SVU की रेड: स्टाफ क्वार्टर से अंदर घुसी टीम, बाहर ATS का पहरा

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में SVU ने IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की। ATS की निगरानी में दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए।
IAS योगेश सागर और अभिलाषा के घर SVU की रेड: स्टाफ क्वार्टर से अंदर घुसी टीम, बाहर ATS का पहरा
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पटना। बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच में बड़ा एक्शन लेते हुए स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम कथित तौर पर स्टाफ क्वार्टर की ओर से परिसर में दाखिल हुई, जबकि बाहर सुरक्षा के लिए ATS के जवान तैनात रहे।

जांच एजेंसियां दोनों अधिकारियों और ठेकेदार रिशु श्री के बीच कथित संबंधों की जांच कर रही हैं। रिशु श्री पर सरकारी टेंडरों में हेराफेरी कर अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने और बदले में अधिकारियों को महंगे उपहार, विदेश यात्राएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के आरोप हैं।

SVU की टीम ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज, बैंक लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। इससे पहले रिशु श्री के पटना स्थित आवास पर हुई कार्रवाई में करीब 2 करोड़ रुपये के आभूषण और नकदी बरामद की गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि टेंडर प्रक्रिया में कई विभागों के अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की भी पड़ताल की जानी बाकी है।

जांच में सामने आया है कि 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर पर ठेकेदार द्वारा यूरोप यात्रा का खर्च उठाने का आरोप है। वहीं 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा पर आवास पर महंगे कार्य कराने और उपहार लेने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद बिहार सरकार ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।

SVU और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मिलकर जांच कर रहे हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही है। जांच के दायरे में कई अन्य विभागों के अधिकारी और इंजीनियर भी बताए जा रहे हैं।

फिलहाल छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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