महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी नीला विखे पाटिल स्वीडन की सांसद चुनी गई हैं। 41 वर्षीय ग्रीन पार्टी की नेता नीला ने 13 सितंबर को हुए राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम शहर निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की।
Nila Vikhe Patil: महाराष्ट्र से जुड़ी नीला विखे पाटिल ने स्वीडन की राजनीति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्रीन पार्टी की नेता नीला विखे पाटिल स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद रिक्सडाग (Riksdag) के लिए चुनी गई हैं। उन्होंने स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता है। 13 सितंबर 2026 को हुए स्वीडिश संसदीय चुनाव के बाद उनकी जीत की पुष्टि हुई। स्वीडन की आधिकारिक संसद वेबसाइट पर भी नीला विखे पाटिल को ग्रीन पार्टी की सांसद और सिटी ऑफ स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र की प्रतिनिधि के तौर पर दर्ज किया गया है।
नीला विखे पाटिल का चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी पारिवारिक जड़ें महाराष्ट्र से जुड़ी हैं। वह महाराष्ट्र के शिक्षाविद अशोक विखे पाटिल की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की पोती हैं। महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल उनकी चाची नहीं, बल्कि चाचा हैं। इस तरह उनका परिवार महाराष्ट्र में शिक्षा, सहकारिता और राजनीति के क्षेत्र से लंबे समय से जुड़ा रहा है।
स्वीडन में जन्म, अहमदनगर में बीता बचपन
नीला विखे पाटिल का जन्म स्वीडन में हुआ था, लेकिन उनके बचपन के शुरुआती वर्ष महाराष्ट्र के अहमदनगर में बीते। इसके बाद उन्होंने स्वीडन में अपनी पढ़ाई और पेशेवर करियर को आगे बढ़ाया। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि का महाराष्ट्र और स्वीडन दोनों से गहरा संबंध रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, नीला ने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की तथा एमबीए की डिग्री हासिल की।
उन्होंने स्पेन की मैड्रिड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कॉम्प्लूटेंस से भी एमबीए की पढ़ाई की है। उनकी शिक्षा और पेशेवर अनुभव ने आगे चलकर उन्हें स्वीडन की राजनीति और सार्वजनिक नीति से जुड़े कामों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया।
स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्यालय में भी किया काम

संसद पहुंचने से पहले नीला विखे पाटिल स्वीडन के राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र में काम कर चुकी हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया था। इस दौरान उनका काम वित्त, कराधान और आवास जैसे नीतिगत विषयों से जुड़ा रहा।
वह स्टॉकहोम नगर परिषद में भी काम कर चुकी हैं। ग्रीन पार्टी के साथ उनकी राजनीतिक सक्रियता लंबे समय से रही है। वह स्वीडिश यंग ग्रीन्स, ग्रीन पार्टी गोथेनबर्ग और ग्रीन स्टूडेंट्स ऑफ स्वीडन जैसे संगठनों से भी जुड़ी रही हैं। इसके अलावा वह स्टॉकहोम ग्रीन पार्टी की चुनाव समिति की सदस्य भी रही हैं।
PwC में भी रही हैं पेशेवर भूमिका में
राजनीति के अलावा नीला का कॉर्पोरेट और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में भी अनुभव रहा है। वह प्राइसवॉटरहाउसकूपर्स (PwC) से जुड़ी रही हैं, जहां उन्होंने रणनीति, प्रबंधन, तकनीक और जोखिम परामर्श जैसे क्षेत्रों में काम किया। अप्रैल 2025 में उन्होंने अधिकृत सार्वजनिक लेखाकार की योग्यता भी हासिल की।अपने चुनाव के बाद नीला ने कहा कि 349 सदस्यीय संसद का हिस्सा बनना उनके लिए खुशी की बात है और वह स्टॉकहोम तथा पूरे देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और ऐसे लोगों की आवाज उठाने की बात कही, जो स्वयं मतदान नहीं कर सकते।
स्वीडन चुनाव में विपक्ष को 176 सीटें
नीला विखे पाटिल का संसद पहुंचना ऐसे समय हुआ है जब स्वीडन के 2026 संसदीय चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। स्वीडिश चुनाव प्राधिकरण ने 19 सितंबर को 2026 के रिक्सडाग चुनाव के परिणाम औपचारिक रूप से तय किए। विपक्षी चार दलों को कुल 176 सीटें, जबकि सरकार का समर्थन करने वाले चार दलों को 173 सीटें मिलीं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ग्रीन पार्टी को रिक्सडाग में 22 सीटें मिली हैं। हालांकि सीटों के इस विभाजन के बाद सरकार गठन की राजनीतिक प्रक्रिया अलग चरण में जाती है।













