नकली वेट लॉस इंजेक्शन का खतरा: ‘मौनजारो’ के नाम पर फर्जी दवाओं का कारोबार, जानें कैसे बचें

हरियाणा के गुरुग्राम में नकली मौनजारो इंजेक्शन रैकेट का खुलासा हुआ है, 70 लाख के फर्जी इंजेक्शन जब्त किये। जानें असली-नकली की पहचान और इससे होने वाले नुकसान

भारत में वजन घटाने वाले इंजेक्शनों की बढ़ती मांग अब एक गंभीर स्वास्थ्य खतरे में बदलती जा रही है। हरियाणा के गुरुग्राम में हाल ही में ड्रग कंट्रोल विभाग ने एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जहां नकली वेट लॉस इंजेक्शन तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपये के फर्जी इंजेक्शन जब्त किए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी किराए के फ्लैट में ही नकली इंजेक्शन तैयार कर रहे थे। सस्ते केमिकल्स, सिरिंज और पैकेजिंग के जरिए इन्हें इस तरह बनाया गया कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाए—यहां तक कि कई मेडिकल प्रोफेशनल्स भी भ्रमित हो सकते हैं।

क्या है मौनजारो और क्यों है इसकी मांग ज्यादा?

मौनजारो (Mounjaro) एक एंटी-डायबिटिक इंजेक्शन है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में किया जाता है। हालांकि, डॉक्टरों की सलाह पर इसे वजन घटाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

सोशल मीडिया ट्रेंड, फिटनेस कल्चर और तेजी से वजन कम करने की चाहत के चलते इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि नकली दवाओं के गिरोह इस मौके का फायदा उठाकर बाजार में फर्जी इंजेक्शन बेच रहे हैं।

नकली इंजेक्शन से क्या हो सकते हैं गंभीर खतरे?

विशेषज्ञों के अनुसार, नकली इंजेक्शन शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनमें कई तरह के जोखिम शामिल हैं:

  • कोई असर नहीं: नकली दवा में सक्रिय तत्व नहीं होता, जिससे बीमारी का इलाज नहीं हो पाता
  • टॉक्सिक रिएक्शन: शरीर में जहरीले केमिकल्स के कारण एलर्जी या गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है
  • अस्पताल में भर्ती का खतरा: गंभीर मामलों में तत्काल इलाज की जरूरत पड़ सकती है
  • अंगों को नुकसान: लंबे समय तक इस्तेमाल से किडनी, लिवर या अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं
  • ट्रीटमेंट फेल होना: गलत दवा से पूरा इलाज असफल हो सकता है

डॉक्टरों का कहना है कि गलत दवा लेने से मरीज की स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे भविष्य में इलाज और जटिल हो जाता है।

भारत में क्यों बढ़ रहा है नकली दवाओं का नेटवर्क?

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में नकली दवाओं की समस्या पहले से मौजूद थी, लेकिन अब यह तेजी से फैल रही है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

सप्लाई चेन में कमजोर निगरानी

  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना जांच के बिक्री
  • तेजी से बढ़ती मांग और सीमित जागरूकता
  • नियमों का सख्ती से पालन न होना
  • इन कारणों से नकली दवाएं आसानी से बाजार में पहुंच रही हैं।
  • कैसे पहचानें नकली इंजेक्शन?

नकली दवाओं से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:

1. लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें

हमेशा भरोसेमंद और अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा लें।

2. डॉक्टर की सलाह जरूरी

बिना प्रिस्क्रिप्शन के किसी भी इंजेक्शन का उपयोग न करें।

3. पैकेजिंग की जांच करें

  • स्पेलिंग मिस्टेक
  • टूटी हुई सील
  • संदिग्ध लेबल

ये सभी नकली होने के संकेत हो सकते हैं।

4. QR कोड और बैच नंबर वेरिफाई करें

यदि पैकेज पर QR कोड है, तो उसे स्कैन करके प्रामाणिकता जांचें।

5. ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी

अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दवा खरीदने से बचें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि वजन घटाने के लिए शॉर्टकट अपनाना खतरनाक हो सकता है। किसी भी दवा या इंजेक्शन का उपयोग केवल विशेषज्ञ की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

वे यह भी सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली ही वजन कम करने का सुरक्षित और स्थायी तरीका है।

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