अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12 हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योग किया। कार्यक्रम में योग गुरु एचआर नागेंद्र, विभिन्न देशों के राजनयिक और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य शामिल हुए तथा योग के जरिए शांति का संदेश दिया।
न्यूयॉर्क: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमेरिका के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर में 12,000 से अधिक लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर वैश्विक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। दुनिया के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध सार्वजनिक स्थलों में गिने जाने वाले टाइम्स स्क्वायर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि योग अब केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि वैश्विक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
विभिन्न देशों, समुदायों और आयु वर्गों के लोगों ने इस आयोजन में भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक बन गया।
‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ रही इस वर्ष की थीम
इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र रहे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग मार्गदर्शक के रूप में भी जाना जाता है। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र ने कार्यक्रम के दौरान योग के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग” है। उनके अनुसार, आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
डॉ. नागेंद्र ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन, प्राण, बुद्धि और भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने वाला एक समग्र विज्ञान है। उन्होंने विशेष रूप से प्राणायाम और ध्यान को दीर्घायु तथा मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इंडियन कॉन्सुलेट में विशेष ध्यान सत्र का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (इंडियन कॉन्सुलेट) में भी एक विशेष ध्यान और योग सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का नेतृत्व डॉ. एच.आर. नागेंद्र ने किया, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, सर्बिया, रोमानिया और मलेशिया सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजकों का कहना था कि ऐसे आयोजन केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सांस्कृतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करते हैं।
अमेरिका में लगातार बढ़ रही योग की लोकप्रियता
भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में योग स्टूडियो, वेलनेस सेंटर और सामुदायिक कार्यक्रमों में भागीदारी पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि योग आज स्वास्थ्य और फिटनेस के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। कोविड-19 महामारी के बाद लोगों में मानसिक और भावनात्मक संतुलन की आवश्यकता बढ़ी है, जिसके कारण योग को व्यापक स्वीकार्यता मिली है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका सहित पश्चिमी देशों में योग की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि लोग अब स्वास्थ्य को केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं मानते, बल्कि समग्र कल्याण को महत्व दे रहे हैं।
तीन लोगों से शुरू हुआ सफर, 12 हजार प्रतिभागियों तक पहुंचा
टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। वर्ष 2003 में इस आयोजन की शुरुआत केवल तीन लोगों के साथ हुई थी। उस समय शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि आने वाले वर्षों में यह कार्यक्रम दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो जाएगा।
आज स्थिति यह है कि हर वर्ष हजारों लोग इस आयोजन में भाग लेने के लिए दुनिया भर से न्यूयॉर्क पहुंचते हैं। पूरे दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में सात से अधिक निःशुल्क योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें शुरुआती स्तर से लेकर उन्नत अभ्यास तक की गतिविधियां शामिल होती हैं।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह दिखाना है कि व्यस्ततम शहरी वातावरण में भी मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्राप्त किया जा सकता है।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में शामिल कई प्रतिभागियों ने इसे जीवन का यादगार अनुभव बताया। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी जगह पर हजारों लोगों के साथ योग करना बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार, विभिन्न संस्कृतियों और देशों के लोगों को एक साथ योग करते देखना वैश्विक एकता का अद्भुत उदाहरण है।
एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करने से यह महसूस होता है कि शोर और भागदौड़ के बीच भी व्यक्ति अपने भीतर शांति खोज सकता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन को भी स्थिरता प्रदान करता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक यात्रा
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड संख्या में देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था।
तब से हर वर्ष दुनिया के 190 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस, टोक्यो, सिडनी और दुबई जैसे प्रमुख वैश्विक शहरों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पिछले एक दशक में योग दिवस ने स्वास्थ्य जागरूकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग के नए आयाम स्थापित किए हैं।
स्वास्थ्य और सांस्कृतिक कूटनीति का मजबूत माध्यम बन रहा योग
विशेषज्ञों का मानना है कि योग अब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम बन चुका है। विभिन्न देशों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि योग वैश्विक संवाद और सहयोग का साझा मंच बन रहा है।
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में आयोजित इस वर्ष का कार्यक्रम इसी बात का प्रमाण है कि योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर दुनिया को जोड़ने की क्षमता विकसित कर ली है। बढ़ते तनाव, मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों और बदलती जीवनशैली के दौर में योग वैश्विक समाज को संतुलन, शांति और स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित कर रहा है।










