पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पौड़ी गढ़वाल में लैंडस्लाइड की गंभीर घटना सामने आई है। पहाड़ी से मलबा और चट्टानें खिसकने के बाद एक मकान इसकी चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। हादसे के दौरान घर के अंदर मौजूद चार लोगों के मलबे में दबने की सूचना है। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक एक शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बाकी लोगों की तलाश के लिए मलबा हटाने का काम जारी है।
बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने का खतरा लगातार बना हुआ है। पौड़ी गढ़वाल में हुए इस हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है। लगातार बारिश और ऊपर से गिर रहे मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को भी सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पौड़ी गढ़वाल के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बताया गया है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रेस्क्यू टीम पहले उस हिस्से को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रही है, जहां से दोबारा मलबा गिरने की आशंका बनी हुई है।
बारिश के बीच रेस्क्यू अभियान चलाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। पहाड़ी ढलान पर मिट्टी के खिसकने का खतरा बना रहता है। ऐसे में बचावकर्मी मलबे को धीरे-धीरे हटाकर अंदर दबे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। एक शव मिलने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में मातम का माहौल है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय किया गया। पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सुरक्षित करने का काम शुरू किया। आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। कई नदियां चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंच गई हैं। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
देहरादून समेत राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के कारण सड़कें प्रभावित होने, पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के दौरान पहाड़ों में सबसे बड़ा खतरा अचानक होने वाले लैंडस्लाइड का होता है। कई बार लगातार बारिश से पहाड़ी की मिट्टी पानी सोख लेती है और उसका भार बढ़ जाता है। इसके बाद कमजोर हिस्से अचानक नीचे खिसकने लगते हैं। घर, सड़क और बिजली की लाइनें इसकी चपेट में आ सकती हैं।
पौड़ी की घटना में भी फिलहाल यही सामने आया है कि लैंडस्लाइड के कारण मकान मलबे की चपेट में आया। हादसे की पूरी वजह और मलबा गिरने का स्थान प्रशासन की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ानी पड़ रही है। जिन स्थानों पर पहले भी भूस्खलन हो चुका है, वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बारिश के दौरान कमजोर मकानों और पहाड़ी ढलानों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा सकती है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को नदियों में उतरने, तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने और बरसाती नालों के करीब जाने से बचने को कहा गया है।
उत्तराखंड में मानसून के दौरान हर साल पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आती हैं। इस बार भी लगातार बारिश के कारण कई संवेदनशील इलाकों में खतरा बढ़ गया है। सड़क पर मलबा आने से कई जगह आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
देहरादून, पौड़ी, टिहरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा उचित है।
पौड़ी गढ़वाल में मकान ध्वस्त होने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। बारिश के मौसम में ऐसे इलाकों की पहचान और समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
फिलहाल सबसे प्राथमिकता मलबे में दबे बाकी लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है। रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति और बचाव अभियान पर नजर रखी जा रही है।
उत्तराखंड में बारिश का खतरा अभी टला नहीं है। पौड़ी गढ़वाल में मकान पर लैंडस्लाइड गिरने से चार लोगों के दबने की सूचना है और एक शव बरामद किया जा चुका है। वहीं भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा है और कई इलाकों में चेतावनी जारी है। लगातार बारिश को देखते हुए पहाड़ी ढलानों, नदियों और बरसाती नालों से दूर रहना बेहद जरूरी है।