पंताभात क्या है? पेट की समस्याओं से राहत दिलाने वाला पारंपरिक प्रोबायोटिक फूड

सुबह खाली पेट पंताभात खाने से पाचन बेहतर होता है, कब्ज और गैस में राहत मिलती है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सदियों से खाया जाता रहा है।प्रोबायोटिक है।

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनियमित खानपान, तनाव और खराब लाइफस्टाइल के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। गैस, कब्ज, अपच, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी परेशानियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवाओं में भी आम होती जा रही हैं।

ऐसे में लोग दवाइयों और महंगे हेल्थ सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जबकि भारतीय पारंपरिक खानपान में कई ऐसे प्राकृतिक विकल्प मौजूद हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है “पंताभात”, जिसे पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सदियों से खाया जाता रहा है।

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में लोकप्रिय यह पारंपरिक व्यंजन अब दुनिया भर में “नेचुरल प्रोबायोटिक फूड” के रूप में पहचान बना रहा है।

क्या होता है पंताभात?

पंताभात मूल रूप से रात के बचे हुए पके चावलों को पानी में भिगोकर तैयार किया जाता है। इन चावलों को पूरी रात यानी लगभग 8 से 10 घंटे तक पानी में रखा जाता है।

इस दौरान चावल में प्राकृतिक फर्मेंटेशन (Fermentation) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे इसमें लाभकारी बैक्टीरिया विकसित होते हैं। यही कारण है कि इसे प्राकृतिक प्रोबायोटिक फूड माना जाता है।

सुबह इन चावलों को हल्के नमक, प्याज, हरी मिर्च, नींबू या दही के साथ खाया जाता है।

पंताभात कैसे तैयार करें?

आसान विधि

  • रात में बचे हुए पके चावल लें।
  • इन्हें मिट्टी, स्टील या कांच के बर्तन में रखें।
  • चावलों में इतना पानी डालें कि वे पूरी तरह डूब जाएं।
  • बर्तन को ढककर रातभर कमरे के तापमान पर छोड़ दें।
  • सुबह इसमें स्वादानुसार नमक, प्याज या नींबू मिलाकर खाएं।
  • कुछ लोग इसमें दही, हरी मिर्च या सरसों का तेल भी मिलाते हैं।

पंताभात को सुपरफूड क्यों माना जाता है?

फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के कारण पंताभात में कई पोषक तत्वों और लाभकारी बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार फर्मेंटेड फूड्स आंतों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं क्योंकि ये शरीर में “गुड बैक्टीरिया” को बढ़ाने में मदद करते हैं।

  • पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
  • गैस और अपच में राहत

पंताभात पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

फर्मेंटेशन के दौरान चावल के कार्बोहाइड्रेट टूटकर सरल रूप में बदल जाते हैं, जिससे उन्हें पचाना आसान हो जाता है। यह भोजन को तेजी से पचाने में मदद करता है और पेट में भारीपन कम करता है।

जिन लोगों को सुबह उठते ही गैस, पेट फूलना या एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

कब्ज में मददगार

पंताभात में मौजूद फाइबर और प्रोबायोटिक्स आंतों की सफाई में मदद करते हैं।

यह मल त्याग को आसान बनाता है और पुरानी कब्ज की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है।

प्राकृतिक प्रोबायोटिक का काम करता है

आजकल प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स और ड्रिंक्स काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन पंताभात एक प्राकृतिक और सस्ता विकल्प माना जाता है।

फर्मेंटेशन के कारण इसमें लाभकारी बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जो आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

स्वस्थ आंतें न केवल पाचन बल्कि इम्यून सिस्टम और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी होती हैं।

  • गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता है
  • शरीर की गर्मी कम करने में सहायक
  • पंताभात की तासीर ठंडी मानी जाती है।

गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ने, डिहाइड्रेशन और पेट में जलन जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए इसे पारंपरिक रूप से खाया जाता है।

ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूर लंबे समय तक धूप में काम करने से पहले इसका सेवन करते रहे हैं क्योंकि यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों देता है।

आयरन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ती है

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि फर्मेंटेशन के बाद चावल में आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे खनिजों की उपलब्धता बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर को जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रदान करने में मदद कर सकता है।

आयरन की पर्याप्त मात्रा शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद

आंतों का स्वास्थ्य सीधे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ा होता है।

चूंकि पंताभात प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, इसलिए यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

नियमित रूप से संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।

वजन नियंत्रण में भी हो सकता है मददगार

पंताभात लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।

इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की आदत नियंत्रित हो सकती है।

हालांकि वजन घटाने के लिए केवल एक भोजन पर निर्भर रहना सही नहीं है, लेकिन संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर इसका लाभ लिया जा सकता है।

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