पुदुचेरी विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है, लेकिन इस चुनावी हलचल के बीच N. Rangasamy अपनी शांत, संयमित और सादगीपूर्ण छवि से अलग पहचान बना रहे हैं।
नई दिल्ली: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 अपने चरम पर है और इस बीच N. Rangasamy अपने शांत, संयमित और सादगीपूर्ण अंदाज से अलग पहचान बना रहे हैं। 75 वर्षीय रंगासामी सफेद धोती और कुर्तेनुमा लंबी शर्ट में घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं और लोगों की समस्याएं सुनकर उन्हें हल करने का भरोसा दे रहे हैं। चार दशक से अधिक के राजनीतिक अनुभव के साथ रंगासामी इस बार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं।
वे इस बार थट्टांचावडी और मंगलम दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। कानून की पढ़ाई कर चुके और अविवाहित रंगासामी ने राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन 2011 में उन्होंने अपनी पार्टी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) की स्थापना कर राज्य में अलग पहचान बनाई।
जन-संपर्क बन रहा जन-सुनवाई का मंच
रंगासामी का चुनाव प्रचार आम जनता से सीधे संवाद का माध्यम बन गया है। लोग सीधे मुख्यमंत्री से अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। किसी ने अपने समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की, तो किसी ने आवास पट्टा की आवश्यकता बताई। रंगासामी धैर्यपूर्वक सभी मांगों को सुनते हैं और समाधान का भरोसा देते हैं।
उनका यह तरीका जनता के बीच गहरी पकड़ बनाने में मदद कर रहा है। उनका चुनाव अभियान केवल वोट मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के सुख-दुख और वास्तविक मुद्दों को समझने का मंच बन चुका है।
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शांत स्वभाव और जमीनी जुड़ाव
चाहे मतदान प्रचार हो, जनता से संवाद या विपक्ष पर टिप्पणी, रंगासामी हर स्थिति में संयमित और नरम भाषा का उपयोग करते हैं। यही वजह है कि उनके समर्थक उन्हें “वाझुम कामराज” (जीवित कामराज) और “मक्कलिन मुथलवर” (जनता के मुख्यमंत्री) जैसे सम्मानजनक नामों से पुकारते हैं। स्थानीय लोगों के बीच रंगासामी की पहचान ऐसे नेता के रूप में है जो आमंत्रण ठुकराते नहीं और जनता के सुख-दुख में शामिल होते हैं। उनका शांत और भरोसेमंद अंदाज लोगों को आकर्षित कर रहा है।
रंगासामी की छवि एक आध्यात्मिक नेता की भी है। वे संत अप्पा पैथियम स्वामीगल के भक्त हैं और हमेशा माथे पर भस्म लगाए रहते हैं। चुनाव प्रचार वाहन और सामग्री में उनके गुरु की तस्वीर प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनकी दिनचर्या भी लोगों के बीच अच्छी तरह जानी जाती है – मंदिर में प्रार्थना, मौन व्रत और अन्नदान जैसी गतिविधियां उनकी छवि को और मजबूत करती हैं।
वन्नियार समुदाय से आने वाले रंगासामी पहली बार 2001 में मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद 2006-08, 2011 और 2021 में भी उन्होंने यह पद संभाला। उनके समर्थक उन्हें अनुशासित और सरल नेता के रूप में देखते हैं, जबकि आलोचक उनकी सॉफ्ट शैली को कभी-कभी राजनीतिक चुनौती मानते हैं।
चुनावी समीकरण और मुकाबला
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 में 30 सीटों पर बहुमत के लिए 16 सीटों की आवश्यकता है। AINRC 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा 10 सीटों पर मैदान में है। AIADMK और LJK दो-दो सीटों पर चुनावी मुकाबले में हैं। वहीं, विपक्षी खेमे में कांग्रेस 16 सीटों, डीएमके 13 सीटों और वीसीके एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा छह कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भी विभिन्न सीटों पर चुनावी मैदान में हैं।









