वाराणसी-चंदौली के टिकुरिया गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया, जहां 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान संजय यादव के रूप में हुई है। इस घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि संजय यादव अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली का तार टूटकर गिर गया और वह उसकी चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी जान चली गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने की कोशिश की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अपने प्रियजन को इस हालत में देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध नजर आए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली विभाग ने तारों की मरम्मत और देखभाल की होती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाके में लंबे समय से बिजली के तार जर्जर हालत में थे और कई बार इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की। लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी। बिजली जैसी जरूरी सेवा में थोड़ी सी भी अनदेखी कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, यह इस घटना से साफ हो जाता है।










