बची हुई दाल से बनाएं पंजाबी दाल पराठा, 10 मिनट में तैयार होगा स्वादिष्ट नाश्ता

घर में बची हुई दाल को फेंकने के बजाय बनाएं स्वादिष्ट पंजाबी दाल पराठा। गेहूं के आटे, दाल और मसालों से तैयार यह आसान रेसिपी नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प है।

रात की बची दाल से स्वादिष्ट पंजाबी दाल पराठा तैयार किया जा सकता है। गेहूं के आटे, दाल और कुछ मसालों से बनने वाली यह आसान रेसिपी कम समय में तैयार होती है और खाने की बर्बादी कम करने का अच्छा तरीका है।

Dal Paratha Recipe: अक्सर रात के खाने के बाद थोड़ी दाल बच जाती है और अगले दिन समझ नहीं आता कि उसका क्या किया जाए। कई लोग ऐसी दाल को फेंक देते हैं, लेकिन इसे दोबारा गर्म करने के बजाय आप इससे स्वादिष्ट और पौष्टिक पंजाबी स्टाइल दाल पराठा तैयार कर सकते हैं। यह रेसिपी आसान होने के साथ खाने की बर्बादी कम करने का भी अच्छा तरीका है। दाल पराठा बनाने के लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं होती। गेहूं का आटा, बची हुई दाल और घर में मौजूद कुछ सामान्य मसालों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। दाल में मौजूद प्रोटीन और फाइबर इसे सामान्य पराठे की तुलना में ज्यादा पौष्टिक विकल्प बना सकते हैं। इसे नाश्ते, लंच या बच्चों के टिफिन में भी शामिल किया जा सकता है।

बची हुई दाल को फेंकने के बजाय बनाएं पराठा

घर में अरहर, मूंग, मसूर, चना या मिक्स दाल बची हो तो उसका इस्तेमाल दाल पराठा बनाने में किया जा सकता है। दाल अगर पहले से मसालेदार है तो पराठे में अतिरिक्त मसालों की मात्रा कम रखनी चाहिए। इस रेसिपी की खासियत यह है कि इसमें अलग से स्टफिंग तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती। बची हुई दाल को सीधे गेहूं के आटे के साथ मिलाकर आटा तैयार किया जाता है। इससे खाना बनाने का समय भी कम होता है और बची हुई दाल का स्वाद एक नए रूप में इस्तेमाल हो जाता है।

दाल पराठा बनाने के लिए सामग्री

इस आसान रेसिपी के लिए एक कप गेहूं का आटा, आधा कप बची हुई दाल, करीब एक चौथाई कप बारीक कटा हरा धनिया, थोड़ा लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और गरम मसाला चाहिए। इसके अलावा स्वाद के अनुसार नमक और जरूरत के मुताबिक पानी लें। पराठे सेंकने के लिए तेल या घी का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप ज्यादा स्वादिष्ट और मुलायम पराठा चाहते हैं तो सेंकने के लिए घी अच्छा विकल्प हो सकता है। ध्यान रखें कि दाल में पहले से नमक और मसाले मौजूद हो सकते हैं। इसलिए आटा तैयार करते समय नमक और अन्य मसाले डालने से पहले दाल का स्वाद जरूर जांच लें।

सबसे पहले तैयार करें आटा

एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें बची हुई दाल, कटा हुआ हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और गरम मसाला डालें। सभी सामग्री को हाथ या चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिला लें। अगर दाल गाढ़ी है तो आटा गूंथने के लिए बहुत कम पानी की जरूरत पड़ेगी। वहीं अगर दाल पतली है तो पानी सावधानी से डालें। ज्यादा पानी एक साथ डालने से आटा चिपचिपा हो सकता है। सभी चीजों को मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। आटा तैयार होने के बाद इसे करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें। इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाएगा और पराठे बेलने में आसानी होगी।

लोई बनाकर बेलें पराठे

अब तैयार आटे को बराबर हिस्सों में बांटकर लोइयां बना लें। एक लोई लें और उस पर थोड़ा सूखा आटा लगाएं। इसे बेलन की मदद से गोल आकार में बेल लें। अगर आप पराठे को थोड़ा परतदार बनाना चाहते हैं तो लोई पर हल्का घी लगाकर उसे मोड़कर दोबारा बेल सकते हैं। हालांकि सामान्य तरीके से बेला हुआ दाल पराठा भी स्वादिष्ट और कुरकुरा बनता है। पराठे की मोटाई बहुत ज्यादा या बहुत कम न रखें। मध्यम मोटाई का पराठा तवे पर आसानी से पकता है और अंदर से नरम रहता है।

तवे पर ऐसे सेंकें

तवा मध्यम आंच पर गर्म करें और उस पर बेला हुआ पराठा डाल दें। जब एक तरफ हल्के निशान दिखाई देने लगें तो पराठे को पलट दें। अब दूसरी तरफ भी कुछ देर पकाएं। इसके बाद दोनों तरफ थोड़ा तेल या घी लगाकर पराठे को अच्छी तरह सेंकें। पराठे पर सुनहरे-भूरे धब्बे दिखाई देने लगें और दोनों तरफ से अच्छी तरह सिक जाए तो इसे तवे से उतार लें। सभी पराठों को इसी तरह तैयार करें। अगर पराठे एक साथ बनाकर रखने हैं तो उन्हें ज्यादा तेज आंच पर न सेंकें, ताकि वे ठंडे होने के बाद भी अपेक्षाकृत नरम रहें।

दही और अचार के साथ करें सर्व

पंजाबी स्टाइल दाल पराठे का स्वाद कई तरह की चीजों के साथ लिया जा सकता है। इसे ताजा दही, हरी चटनी, अचार या सफेद मक्खन के साथ परोसा जा सकता है। अगर आप हल्का और ताजा साथ चाहते हैं तो दही और सलाद अच्छा विकल्प है। वहीं अचार और मक्खन के साथ इसका स्वाद ज्यादा देसी और भरपूर हो जाता है। गर्म पराठे के साथ एक गिलास छाछ भी परोसी जा सकती है। बच्चों के लिए पराठा बनाते समय तीखी मिर्च कम रखें। उन्हें पसंद आने वाला स्वाद देने के लिए थोड़ा घी लगाकर पराठा सेंका जा सकता है।

दाल पराठा क्यों है पौष्टिक विकल्प?

दालें प्रोटीन और फाइबर सहित कई पोषक तत्वों का स्रोत होती हैं। जब दाल को गेहूं के आटे के साथ मिलाकर पराठा तैयार किया जाता है तो भोजन में दाल और अनाज दोनों शामिल हो जाते हैं। हालांकि, दाल पराठे की वास्तविक पोषण मात्रा इस्तेमाल की गई दाल, आटे और तेल या घी की मात्रा पर निर्भर करेगी। ज्यादा घी या तेल इस्तेमाल करने से इसकी कैलोरी बढ़ सकती है। 

इसलिए रोजमर्रा के संतुलित आहार में इसे उचित मात्रा में शामिल करना बेहतर है। यह नाश्ता उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकता है जिन्हें सुबह कम समय में कुछ तैयार करना होता है। इसे बच्चों के टिफिन में भी दिया जा सकता है और यात्रा के लिए भी पैक किया जा सकता है।

स्वाद बढ़ाने के लिए आजमाएं ये बदलाव

दाल पराठे को अलग स्वाद देने के लिए आटे में बारीक कटी हरी मिर्च, थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक या कसूरी मेथी मिलाई जा सकती है। अगर आपको प्याज पसंद है तो बारीक कटा प्याज भी सीमित मात्रा में मिलाया जा सकता है। ज्यादा स्वाद के लिए अजवाइन या थोड़ा धनिया पाउडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, अगर बची हुई दाल पहले से काफी मसालेदार है तो अतिरिक्त मसालों का इस्तेमाल कम रखें। पराठे को ज्यादा मुलायम बनाने के लिए आटा गूंथते समय थोड़ा तेल या घी भी मिलाया जा सकता है। वहीं कुरकुरे पराठे के लिए उन्हें मध्यम आंच पर पर्याप्त समय तक सेंकना बेहतर रहेगा।

दाल की गाढ़ी और पतली स्थिति के हिसाब से बदलें तरीका

इस रेसिपी में बची हुई दाल की consistency महत्वपूर्ण है। अगर दाल बहुत गाढ़ी है तो वह आटे में आसानी से मिल जाएगी और आटा गूंथने में कम पानी लगेगा।
 अगर दाल काफी पतली है तो पहले आटे में इसे थोड़ा-थोड़ा करके मिलाएं। जरूरत से ज्यादा दाल डालने पर आटा चिपचिपा हो सकता है। ऐसी स्थिति में थोड़ा अतिरिक्त गेहूं का आटा मिलाकर consistency ठीक की जा सकती है। इस छोटे से बदलाव से पराठे बेलना आसान हो जाएगा और तवे पर पकाते समय भी वह टूटेगा नहीं।

बची हुई दाल का बेहतर इस्तेमाल

बचे हुए खाने को नए तरीके से इस्तेमाल करना घर की रसोई में समय और संसाधन दोनों बचा सकता है। दाल पराठा इसका आसान उदाहरण है। जिस दाल को अगले दिन शायद कोई खाना पसंद न करे, उसे आटे और मसालों के साथ मिलाकर एक नई डिश में बदला जा सकता है।  इससे खाने की बर्बादी कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, घर में उपलब्ध सामग्री से एक नया नाश्ता तैयार हो जाता है और इसके लिए अलग से बहुत ज्यादा खरीदारी करने की जरूरत नहीं पड़ती।

कब न इस्तेमाल करें बची हुई दाल?

बची हुई दाल का इस्तेमाल तभी करें जब उसे सही तरीके से रखा गया हो और वह खाने योग्य स्थिति में हो। अगर दाल लंबे समय तक कमरे के तापमान पर पड़ी रही है, उसमें असामान्य गंध या स्वाद आ रहा है या वह खराब होने के संकेत दे रही है, तो उसका इस्तेमाल न करें। सुरक्षित तरीके से रखी हुई और ताजा बची दाल का ही उपयोग करना बेहतर है। खासकर गर्म मौसम में बचे हुए भोजन को जल्दी ठंडा करके रेफ्रिजरेटर में रखना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

स्वाद, पोषण और बचत का आसान मेल

दाल पराठा सिर्फ बची हुई दाल को इस्तेमाल करने की रेसिपी नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की रसोई में उपलब्ध सामग्री को नए तरीके से इस्तेमाल करने का आसान उदाहरण भी है। इसे तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसमें अपनी पसंद के अनुसार मसालों और सामग्री को बदला जा सकता है। गर्मागर्म दाल पराठे को दही, चटनी या अचार के साथ परोसें और एक साधारण बची हुई दाल को स्वादिष्ट भोजन में बदल दें। हालांकि इसे पौष्टिक विकल्प बनाने के लिए तेल या घी की मात्रा संतुलित रखना और साथ में सब्जियां या दही शामिल करना बेहतर रहेगा।

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