पुतिन भारत पहुंचे, 2022 के बाद रूस से बाहर पहला बड़ा दौरा; BRICS शिखर सम्मेलन पर दुनिया की नजर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं। वह BRICS सम्मेलन में शामिल होंगे और PM मोदी से व्यापार, निवेश व ऊर्जा पर वार्ता करेंगे।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। वह 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनका यह दौरा खास महत्व रखता है, क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब वह रूस के बाहर किसी BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं। भारत यात्रा के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचे। वह भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आए हैं। पुतिन के साथ रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुतिन के भारत पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से बहुआयामी संबंध हैं, जो विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।

2022 के बाद पहली बार रूस से बाहर BRICS बैठक में हिस्सा

पुतिन की भारत यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद वह पहली बार रूस के बाहर किसी BRICS शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग ले रहे हैं।

यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और वैश्विक मंचों पर व्यक्तिगत भागीदारी पर पूरी दुनिया की नजर रही है। ऐसे समय में भारत द्वारा आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में पुतिन की मौजूदगी को महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित कई क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। ऐसे में पुतिन की यात्रा के दौरान होने वाली बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता

भारत पहुंचने के बाद पुतिन शुक्रवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक में भारत और रूस के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, निवेश के अवसरों को मजबूत करने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।

दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। वैश्विक स्तर पर बदलते व्यापारिक समीकरणों और ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत-रूस आर्थिक सहयोग को लेकर होने वाली चर्चा को भी अहम माना जा रहा है।

शनिवार से शुरू होगा दो दिवसीय BRICS सम्मेलन

भारत की मेजबानी में दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन शनिवार से शुरू होगा। सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम में कमी और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत BRICS को ऐसे प्रभावी मंच के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जो मौजूदा खंडित भू-राजनीतिक और आर्थिक माहौल में वैश्विक दक्षिण तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए सहयोग का महत्वपूर्ण आधार बन सके।

BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक व्यापार नीतियों में बदलाव का असर विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक व्यापार भी अहम मुद्दे

नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव भी BRICS देशों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की व्यापार और टैरिफ नीतियों ने भी वैश्विक व्यापार व्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ाई है।

ऐसे माहौल में BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।

कई देशों के शीर्ष नेता सम्मेलन में होंगे शामिल

नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं।

इसके अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

इन नेताओं की मौजूदगी BRICS के बढ़ते वैश्विक महत्व को दर्शाती है। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक चुनौतियों और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

भारत-रूस संबंधों के लिए अहम हो सकती है यात्रा

पुतिन की भारत यात्रा केवल BRICS सम्मेलन तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भारत-रूस संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी।

दोनों देश लंबे समय से रणनीतिक साझेदार हैं और ऊर्जा, व्यापार, निवेश तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग करते रहे हैं। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों नेताओं की बातचीत से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से व्यापार और निवेश बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। ऊर्जा सहयोग भी दोनों देशों के संबंधों का एक प्रमुख हिस्सा है।

वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक भूमिका पर नजर

पुतिन की यात्रा और BRICS सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। एक ही मंच पर रूस, चीन, ईरान और अन्य प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की मौजूदगी नई दिल्ली को वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर संवाद के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

BRICS के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सदस्य देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक विविधता के बावजूद साझा प्राथमिकताओं पर सहमति बनाना है। भारत सम्मेलन के दौरान खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य और आपूर्ति श्रृंखला जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे सकता है।

पुतिन की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और BRICS सम्मेलन के परिणामों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी। खास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता से भारत-रूस संबंधों और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है।

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