QUAD 2026 पर अनिश्चितता: इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक संतुलन के लिए क्यों अहम है यह गठबंधन?

QUAD 2026 को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक समीकरणों को फिर चर्चा में ला दिया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के इस गठबंधन

अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री Kurt M Campbell ने हाल ही में भारत को Quadrilateral Security Dialogue (QUAD) की प्रमुख ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि इस समूह को आकार देने और उसे सक्रिय रूप देने में भारत की भूमिका बेहद अहम रही है।

नई दिल्ली: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच QUAD (क्वाड) समूह एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। 2026 में प्रस्तावित QUAD लीडर्स समिट को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह समूह क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बना रहेगा।

हाल ही में Kurt M. Campbell, जो अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री रह चुके हैं, ने India को QUAD का “मुख्य स्तंभ” बताया। उन्होंने कहा कि इस समूह को आकार देने और इसे प्रभावी बनाने में भारत की भूमिका बेहद अहम रही है।

QUAD क्या है?

QUAD, यानी क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग, चार देशों—United States, India, Japan और Australia—का एक रणनीतिक समूह है। इसका मुख्य उद्देश्य “मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक” सुनिश्चित करना है। यह समूह अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

2026 समिट पर क्यों है अनिश्चितता?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में भारत की मेजबानी में प्रस्तावित QUAD शिखर सम्मेलन आयोजित नहीं हो पाया था। अब 2026 में भी लीडर-स्तर की बैठक पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसकी एक वजह अमेरिका की बदलती प्राथमिकताएं बताई जा रही हैं, खासकर Donald Trump प्रशासन की अपेक्षाकृत कम रुचि को लेकर अटकलें हैं।

हालांकि, S. Jaishankar ने स्पष्ट किया है कि QUAD समिट रद्द नहीं हुई है और विभिन्न स्तरों पर सहयोग जारी है। भारत अब विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रहा है, जो 2026 में हो सकती है।

भारत की भूमिका क्यों अहम?

विशेषज्ञों के अनुसार, QUAD में भारत की भूमिका सिर्फ एक सदस्य देश की नहीं, बल्कि एक संतुलनकारी शक्ति की है। Joe Biden के कार्यकाल के दौरान भी भारत को इस मंच पर लाने के लिए विशेष प्रयास किए गए थे। यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार के रूप में देखा जाता है। भारत की भौगोलिक स्थिति, आर्थिक क्षमता और सैन्य ताकत इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाती है।

QUAD क्यों महत्वपूर्ण है?

QUAD केवल एक सुरक्षा गठबंधन नहीं है, बल्कि यह बहुआयामी सहयोग का मंच भी है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना
  • आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को मजबूत बनाना
  • महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना
  • उभरती तकनीकों जैसे AI, 5G और साइबर सुरक्षा में सहयोग
  • आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता में समन्वय

यह पहल सीधे तौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रहने वाले अरबों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। हालांकि QUAD के सदस्य देश आधिकारिक रूप से इसे किसी एक देश के खिलाफ गठबंधन नहीं बताते, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह China की बढ़ती सैन्य और आर्थिक ताकत को संतुलित करने का प्रयास है।

विशेष रूप से दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की सक्रियता ने QUAD देशों को अधिक समन्वय के लिए प्रेरित किया है। इस दृष्टिकोण से QUAD को एक “काउंटर-बैलेंस” के रूप में देखा जाता है।

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