पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने गुलजार सिंह प्रकरण को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे और स्वतंत्र जांच की मांग की।
चंडीगढ़: पंजाब दौरे से पहले राहुल गांधी ने गुलजार सिंह प्रकरण को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। राहुल ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे के साथ मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
गुलजार सिंह मामले पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगरूर के गुलजार सिंह प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर सवाल उठाए हैं।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार की नाकामी पर सवाल उठाने वालों को कथित तौर पर धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार से पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर सवाल किया था। इसके बाद उन पर दबाव और प्रताड़ना के आरोप लगे और उनकी मौत हो गई।
राहुल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ऐसी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी है, जिसमें चीमा की भूमिका की भी जांच हो।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मामले में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। पुलिस की ओर से भी मामले में कार्रवाई की गई है।
मोहनजीत सिंह मामले का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक अन्य युवक मोहनजीत सिंह का भी उल्लेख किया। उन्होंने दोनों मामलों को पंजाब में सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वालों के कथित दमन के व्यापक पैटर्न से जोड़ने की कोशिश की।
कांग्रेस के लिए यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि पंजाब में नशे का कारोबार और कानून-व्यवस्था पहले से ही प्रमुख राजनीतिक विषय रहे हैं। पार्टी आने वाले समय में इन मुद्दों के जरिए आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है।
गुलजार सिंह प्रकरण ने नशे के मुद्दे को एक नया राजनीतिक संदर्भ दिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग के अध्यक्ष के 10 सितंबर को संगरूर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
पंजाब चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस सक्रिय
कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया है।
सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब चुनाव की रणनीति और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर समन्वय कायम करने और चुनावी संगठन को मजबूत करने की चुनौती भी है।
राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे पर नजर
राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे की तैयारियां भी पार्टी स्तर पर चल रही हैं। उनके दौरे को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ऐसे में गुलजार सिंह प्रकरण, पंजाब में नशे का मुद्दा, कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही राहुल गांधी के दौरे के दौरान प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए AAP सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर सकती है।
कांग्रेस के सामने गुटबाजी की चुनौती
सरकार को घेरने के साथ कांग्रेस के सामने संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की चुनौती भी है। पंजाब कांग्रेस में चन्नी और राजा वड़िंग खेमों के बीच लंबे समय से खींचतान की चर्चा रही है।
सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने को पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का पंजाब दौरा सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान के साथ-साथ कांग्रेस संगठन को चुनावी मुकाबले के लिए तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण हो सकता है।








