राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा के प्रदर्शन पर जश्न, भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर हमला

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने जीत के लिए जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित जश्न में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमेशा कुर्सी का डर रहता था। उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

जयपुर: राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदर्शन के बाद सोमवार शाम जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणामों के लिए प्रदेश की जनता का आभार जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय दिया। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार राजस्थान में 309 शहरी निकायों में चुनाव हुए हैं।

सीएम भजनलाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना

जश्न के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को हमेशा अपनी कुर्सी का डर रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से पिछली सरकार के दौरान बार-बार चुनाव कराए जाते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निकाय चुनाव शुरू होने से पहले ही कांग्रेस नेताओं ने सत्ता के दुरुपयोग की बात कहना शुरू कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब चुनाव ही शुरू नहीं हुए थे तो सत्ता के दुरुपयोग की बात कैसे कही जा सकती थी।

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के नेताओं की ओर से सरकार और अधिकारियों को लेकर दिए जाने वाले अलग-अलग बयानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस की ओर से कहा जाता है कि मुख्यमंत्री की अधिकारी नहीं सुनते और कभी यह कहा जाता है कि अधिकारी उनके हिसाब से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि उसका कोई स्थिर रुख नहीं है।

निकाय चुनाव के परिणामों पर भाजपा का जश्न

राजस्थान के निकाय चुनावों के परिणामों के बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कार्यालय के मुख्य द्वार से मंच तक पैदल पहुंचे और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और जीत का उत्सव मनाया।

कार्यकर्ताओं ने नृत्य कर खुशी जताई और भाजपा मुख्यालय के बाहर आतिशबाजी भी की। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने निकाय चुनाव के परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी बात रखी।

21 सितंबर को नगर निकायों में अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के चुनाव हुए। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 309 शहरी निकायों में 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल थीं।

सीएम बोले- जनता और कार्यकर्ताओं का आभार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के लिए राजस्थान की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली सफलता का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं को जाता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि राजस्थान उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से पूरी की गई योजनाओं और विकास कार्यों का भी जिक्र किया।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने लंबे समय से अधूरी पड़ी योजनाओं को पूरा किया है। उन्होंने राजस्थान से जुड़े जल समझौतों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि लंबे समय से लंबित चार जल समझौते उनकी सरकार ने पूरे किए हैं।

जल समझौतों को लेकर कांग्रेस पर आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के चार जल समझौते लंबे समय से लंबित थे और उनकी सरकार ने इन्हें पूरा किया। उन्होंने इसके लिए पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन समझौतों को आगे बढ़ाने के बजाय अटकाने का काम किया।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिस तरह प्रदेश की जनता ने निकाय चुनाव में भाजपा को समर्थन दिया है, उसके लिए पार्टी जनता की आभारी रहेगी।

टिकट वितरण को लेकर भी कांग्रेस पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीति के बजाय जाति और धर्म के आधार पर टिकट वितरण करके चुनावी समीकरण बनाने का काम करती है।

हालांकि, ये मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा कांग्रेस को लेकर किए गए राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया या उनका पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।

मदन राठौड़ ने कहा- जहां कमी रही, उसकी समीक्षा होगी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी निकाय चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और संगठन के बीच तालमेल को चुनावी प्रदर्शन से जोड़ा।

राठौड़ ने कहा कि भाजपा 309 में से सभी 309 निकाय जीतना चाहती थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ जगहों पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और कहा कि जहां कमी रह गई, उसकी समीक्षा की जाएगी।

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की जनता ने भाजपा को समर्थन दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर विश्वास जताया है। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और आगामी पंचायत चुनावों का जिक्र किया।

हालांकि, चुनाव परिणामों के उपलब्ध आंकड़ों में सभी 309 निकायों में भाजपा की जीत नहीं हुई है। इसलिए राठौड़ का 309 में से 309 निकाय जीतने का उल्लेख पार्टी की घोषित आकांक्षा के रूप में किया जाना चाहिए, न कि वास्तविक चुनाव परिणाम के रूप में।

निकाय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन

राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनाव में कुल 10,245 वार्ड निर्धारित थे, जिनमें एक वार्ड में चुनाव नहीं हुआ। उपलब्ध अंतिम दलवार आंकड़ों के अनुसार 10,244 वार्डों के परिणाम घोषित किए गए थे। इनमें भाजपा ने 4,182, कांग्रेस ने 3,619 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्ड जीते।

इन परिणामों के आधार पर भाजपा सबसे अधिक वार्ड जीतने वाली पार्टी रही। हालांकि, अलग-अलग निकायों में बोर्ड गठन की स्थिति स्थानीय बहुमत, गठजोड़ और पार्षदों के समर्थन पर निर्भर रही।

नगर निगमों में भी भाजपा को सफलता

निकाय चुनाव के बाद महापौर चुनावों में भी भाजपा को कई नगर निगमों में सफलता मिली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 21 सितंबर को हुए महापौर चुनावों में अजमेर, पाली, उदयपुर और अलवर में भाजपा प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि बीकानेर में कांग्रेस ने महापौर पद हासिल किया।

वहीं, समाचार रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने सात नगर निगमों में से छह में महापौर पद हासिल किया। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पार्टी के चुनावी प्रदर्शन को लेकर किए गए दावों का हिस्सा रहा।

गहलोत को लेकर मदन राठौड़ का पलटवार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें निकाय चुनाव में पार्षदों को प्रलोभन देने की बात कही गई थी।

राठौड़ ने कहा कि नगर निकायों में पार्षद गुप्त मतदान करते हैं और किसी का हाथ पकड़कर उसे किसी विशेष प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके बाद उन्होंने गहलोत के राजनीतिक अतीत का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया।

राठौड़ ने दावा किया कि अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री बनने के लिए दो बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों का समर्थन लिया था। उन्होंने कहा कि बसपा विधायकों को मंत्री बनाया गया, जबकि भाजपा ने किसी निर्दलीय पार्षद को कोई पद नहीं दिया।

ये राठौड़ द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और उनका सत्यापन या कांग्रेस का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

डोटासरा के बयान पर भी राठौड़ का जवाब

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। राठौड़ ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि वह छोटे आदमी हैं और डोटासरा महान व्यक्ति हैं।

इसके बाद उन्होंने डोटासरा पर कांग्रेस के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। राठौड़ ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े एक आरोप का भी उल्लेख किया और दावा किया कि डोटासरा ने अपने बच्चों को ओबीसी का लाभ दिलाया। इस दावे पर भी कांग्रेस या डोटासरा का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।

कार्यक्रम में भाजपा के कई नेता मौजूद

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, जयपुर जिले के तीनों जिला अध्यक्ष, प्रदेश मंत्री और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

निकाय चुनाव परिणामों के बाद भाजपा नेतृत्व ने इसे पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत से जोड़ते हुए आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों का संकेत भी दिया। मदन राठौड़ ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के बाद पार्टी पंचायत चुनावों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

आगे पंचायत चुनाव पर नजर

राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के बाद अब राजनीतिक दलों का ध्यान आगामी पंचायत चुनावों पर है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी निकाय चुनाव के अनुभव से सीख लेते हुए आगे की रणनीति तैयार करेगी।

निकाय चुनाव के परिणामों ने राज्य की स्थानीय राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की स्थिति को सामने रखा है। आने वाले पंचायत चुनावों में इन परिणामों का राजनीतिक प्रभाव किस तरह दिखाई देता है, यह आगामी चुनावी प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।

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