कौन हैं राष्ट्रपति मुर्मू के पूर्व ADC ऋषभ सिंह संब्याल? 12 साल की सैन्य सेवा के बाद क्यों लिया रिटायरमेंट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने 12 साल की सैन्य सेवा के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लिया। जानें उनकी सैन्य यात्रा और वजह।

मेजर ऋषभ सिंह संब्याल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी ड्यूटी नहीं, बल्कि भारतीय सेना से उनका प्रीमैच्योर रिटायरमेंट है। राष्ट्रपति के ADC (Aide-de-Camp) के तौर पर मार्च 2023 से जिम्मेदारी संभालने वाले ऋषभ करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद सेना से अलग हो गए हैं।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एड-डी-कैंप (ADC) रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल इन दिनों चर्चा में हैं। भारतीय सेना में करीब 12 साल की सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। राष्ट्रपति के साथ अपने कार्यकाल के दौरान ऋषभ सिंह संब्याल सुरक्षा, प्रोटोकॉल और आधिकारिक कार्यक्रमों से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाते थे। सेना से विदाई के बाद उन्होंने अपने फैसले की वजह भी बताई है।

ऋषभ सिंह संब्याल के रिटायरमेंट की खबर सामने आने के बाद लोग उनके सैन्य करियर, शिक्षा और राष्ट्रपति भवन में निभाई गई भूमिका के बारे में जानना चाहते हैं। खास बात यह है कि सेना में शामिल होना उनके बचपन का सपना था और उन्होंने सैन्य शिक्षा के जरिए इस लक्ष्य को हासिल किया।

जम्मू-कश्मीर से है ताल्लुक

मेजर ऋषभ सिंह संब्याल जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से आते हैं। उनका परिवार देशसेवा और सेना के प्रति समर्पण की भावना से जुड़ा रहा है। बचपन से ही उनके मन में भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की इच्छा थी। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने सैनिक स्कूल से शिक्षा हासिल की और आगे सैन्य प्रशिक्षण का रास्ता चुना। उनकी शुरुआती पढ़ाई सैनिक स्कूल कपूरथला में हुई, जहां से उन्होंने अनुशासन और सैन्य जीवन की बुनियादी समझ हासिल की।

2013 में पास की NDA परीक्षा

ऋषभ सिंह संब्याल ने साल 2013 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की परीक्षा पास की। इसके बाद वह 2014 में NDA के 133वें कोर्स में शामिल हुए। यहां प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में भी प्रशिक्षण लिया। साल 2017 में IMA से जुड़े प्रशिक्षण के बाद उन्हें 2018 में जाट रेजिमेंट में कमीशन मिला। सेना में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।

ऋषभ सिंह संब्याल के सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण पड़ाव रहे। साल 2021 में उन्हें जाट रेजिमेंट की एक टुकड़ी का नेतृत्व करने का अवसर मिला। एक आधिकारिक परेड के दौरान उनके दल को बेहतर प्रदर्शन के लिए बेस्ट मार्चिंग कंटिजेंट का सम्मान भी मिला। इसके अलावा ऋषभ सिंह संब्याल 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज से भी जुड़े रहे। स्पेशल फोर्सेज से जुड़ा अनुभव उनके सैन्य करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल माना जाता है।

2023 में बने राष्ट्रपति के ADC

कौन हैं राष्ट्रपति मुर्मू के पूर्व ADC ऋषभ सिंह संब्याल? 12 साल की सैन्य सेवा के बाद क्यों लिया रिटायरमेंट

सेना में उनकी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और अनुभव को देखते हुए साल 2023 में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड-डी-कैंप के तौर पर नियुक्त किया गया।राष्ट्रपति के ADC की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस जिम्मेदारी के तहत अधिकारी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, प्रोटोकॉल और यात्राओं के दौरान कई अहम समन्वय संबंधी दायित्व निभाता है। ऋषभ सिंह संब्याल ने भी राष्ट्रपति के साथ रहते हुए इस भूमिका की जिम्मेदारियां संभालीं।

राष्ट्रपति भवन में अपने कार्यकाल के दौरान वह कई आधिकारिक कार्यक्रमों और यात्राओं में राष्ट्रपति के साथ नजर आए। उनके अनुशासित और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

परिवार को बताया रिटायरमेंट का कारण

सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के फैसले के बाद ऋषभ सिंह संब्याल ने एक वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि सेना की वर्दी पहनना उनके बचपन का सपना था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें यह वर्दी उतारनी पड़ेगी। उन्होंने अपने रिटायरमेंट के पीछे पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, परिवार ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी सैन्य सेवा और उपलब्धियों को लेकर संतुष्टि व्यक्त की और कहा कि वह अपने कार्यकाल को लेकर गर्व महसूस करते हैं।

रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति से की मुलाकात

सेना से विदाई लेने के बाद ऋषभ सिंह संब्याल राष्ट्रपति भवन भी पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके सैन्य कार्यकाल के बाद एक भावनात्मक पड़ाव के रूप में देखी गई। करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद उनका यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने कम उम्र में सेना छोड़ने का विकल्प चुना है। हालांकि, उनके द्वारा बताई गई वजह पारिवारिक है और उन्होंने अपने निर्णय को लेकर संतुष्टि जाहिर की है।

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