रूस ने कीव और खार्किव समेत कई यूक्रेनी शहरों पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें कई लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए। जवाब में यूक्रेन ने रूस के तेल टैंकरों और ऊर्जा ठिकानों पर सटीक हमले करने का दावा किया।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद हिंसक दौर में पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव, पूर्वी शहर खार्किव और अन्य इलाकों पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि 36 से अधिक लोग घायल हो गए। दूसरी ओर, यूक्रेन ने दावा किया कि उसने रूस के ऊर्जा ढांचे, तेल भंडारण केंद्रों और काला सागर में मौजूद तेल टैंकरों पर सफल जवाबी हमले किए हैं।
इन घटनाओं ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा संसाधनों तक फैल चुका है।
कीव पर सबसे बड़े बैलिस्टिक हमलों में से एक
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि राजधानी कीव पर हुआ हमला रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में से एक था।
रातभर चले इस हमले में रूस ने विभिन्न प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी दागे। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार हमले में इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइलों, हाइपरसोनिक जिरकॉन मिसाइलों और कुल 125 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 41 में से 18 मिसाइलों और 108 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कई मिसाइलें अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहीं।
कीव और खार्किव में भारी नुकसान
राजधानी कीव में हमले के दौरान आवासीय इमारतों, सुपरमार्केट, छात्रावास और अन्य व्यावसायिक परिसरों को नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को घंटों तक अभियान चलाना पड़ा।
कीव के निकट बुचा जिले में स्थित एक बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र पर भी हमला हुआ, जहां दो लोग घायल हुए।
उधर, पूर्वी शहर खार्किव में एक डाक एवं लॉजिस्टिक्स टर्मिनल मिसाइल हमले का शिकार बना। स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस हमले में 24 से 62 वर्ष की आयु के तीन कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हुए। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
रूस के हमलों की बढ़ती तीव्रता
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान रूस ने यूक्रेन पर लगभग 1,450 हमलावर ड्रोन, 1,640 से अधिक गाइडेड बम और 99 विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागी हैं।
उनके अनुसार लगातार बढ़ते हवाई हमले यह दिखाते हैं कि रूस अब बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन रणनीति के जरिए यूक्रेन के शहरों, औद्योगिक ढांचे और नागरिक सुविधाओं को निशाना बना रहा है।
यूक्रेन ने अपने सहयोगी देशों से बैलिस्टिक मिसाइल रोधी इंटरसेप्टर मिसाइलों की अतिरिक्त आपूर्ति की मांग भी दोहराई है।
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यूक्रेन का जवाबी हमला
रूस के हमलों के कुछ ही समय बाद यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया।
ज़ेलेंस्की के अनुसार यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी और सशस्त्र बलों ने रूस के दक्षिण-पश्चिमी स्तावरोपोल क्षेत्र में कई तेल भंडारण केंद्रों और ईंधन सुविधाओं को निशाना बनाया।
इसके अलावा काला सागर में मौजूद तीन रूसी तेल टैंकरों पर भी सटीक हमले किए गए। यूक्रेन का कहना है कि ये ऊर्जा संसाधन रूस की सैन्य क्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
काला सागर में ऊर्जा ढांचे पर असर
कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम ने पुष्टि की कि उसके टर्मिनल पर हमले के बाद दो तेल टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। सुरक्षा कारणों से तेल लोडिंग का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने या तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली।
उधर, स्तावरोपोल क्षेत्र के गवर्नर ने कहा कि ड्रोन हमले के कारण एक औद्योगिक पार्क में आग लग गई, जिस पर आपातकालीन सेवाएं लगातार काम कर रही हैं।
लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा बने नए लक्ष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की ऊर्जा आपूर्ति, परिवहन नेटवर्क, वेयरहाउस, तेल डिपो और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को निशाना बना रहे हैं।
हाल ही में यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेल नेटवर्क वाइल्डबेरीज़ के वेयरहाउस पर भी ड्रोन हमला किया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। रूस ने उसके जवाब में यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं।
वायु रक्षा की चुनौती
यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से नागरिकों की सुरक्षा है। हालांकि पश्चिमी देशों द्वारा उपलब्ध कराई गई आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में सफलता हासिल की है, लेकिन लगातार हमलों के कारण रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा इस समय देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइलों की तत्काल आवश्यकता है।
युद्ध का बदलता स्वरूप
फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध ने अब आधुनिक तकनीकी युद्ध का रूप ले लिया है। लंबी दूरी के ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें, ऊर्जा अवसंरचना पर हमले और आर्थिक संसाधनों को निशाना बनाना दोनों देशों की प्रमुख रणनीति बन चुकी है।
इसका असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक जीवन, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार, परिवहन और वैश्विक खाद्य एवं ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।








