यूक्रेन ने रूस के दो प्रमुख लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस और ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले किए, जिनमें आठ लोगों की मौत और 62 घायल हुए। यूक्रेन ने दावा किया कि इन ठिकानों का उपयोग सैन्य आपूर्ति और ड्रोन उत्पादन से जुड़े उपकरणों के लिए किया जा रहा था।
रूस/यूक्रेन; रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब सैन्य मोर्चे के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला भी प्रमुख निशाना बनती जा रही है। ताजा घटनाक्रम में यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज़ (Wildberries) के दो बड़े वेयरहाउस पर ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जबकि 62 अन्य घायल हो गए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के ड्रोन हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमलों का उद्देश्य ऐसे प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाना था, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से ड्रोन निर्माण में उपयोग होने वाले प्रतिबंधित पुर्जों और नेविगेशन उपकरणों की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था।
दो अलग-अलग शहरों में हुए हमले
रूसी प्रशासन के मुताबिक पहला हमला मॉस्को से लगभग 475 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित तांबोव शहर के एक बड़े वेयरहाउस पर हुआ। इस हमले में सात कर्मचारियों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हुए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई। दूसरा हमला मॉस्को क्षेत्र के इलेक्ट्रोस्टाल स्थित एक अन्य वाइल्डबेरीज़ वेयरहाउस पर हुआ। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि 37 अन्य घायल हुए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रात के समय हुआ हमला, वेयरहाउस में लगी भीषण आग
हमले रात के समय हुए, जब वेयरहाउस में नाइट शिफ्ट के कर्मचारी काम कर रहे थे। सोशल मीडिया और स्थानीय स्रोतों से सामने आए वीडियो में विशाल वेयरहाउस से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं उठता दिखाई दिया। कई वीडियो में कर्मचारी विस्फोटों के बीच जान बचाकर भागते नजर आए। कुछ फुटेज में इमारत की दीवारें आग की चपेट में आने के बाद ढहती हुई भी दिखाई दीं। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यूक्रेन का दावा- सैन्य आपूर्ति से जुड़े केंद्र थे निशाने पर
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि ये हमले रूस की सैन्य आपूर्ति क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए। उनके अनुसार लक्षित परिसरों का उपयोग प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, ड्रोन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और अन्य दोहरे उपयोग (Dual Use) वाले सामान की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था। यूक्रेन ने यह भी दावा किया कि ड्रोन अभियानों के दौरान आज़ोव सागर, काला सागर और रूस के कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र में भी कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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वाइल्डबेरीज़ क्यों है महत्वपूर्ण
वाइल्डबेरीज़ रूस की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में गिनी जाती है और इसे अक्सर रूस का "अमेज़न" कहा जाता है। कंपनी का विशाल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और प्रतिदिन लाखों ऑर्डर की डिलीवरी करता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का उपयोग केवल नागरिक वस्तुओं की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहता। यदि किसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सैन्य उपयोग वाले उपकरणों की खरीद या वितरण होता है, तो वह युद्ध के दौरान रणनीतिक लक्ष्य बन सकता है। हालांकि रूस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है कि कंपनी की सुविधाओं का उपयोग सैन्य आपूर्ति के लिए किया जा रहा था।
विशेषज्ञों की राय
यूक्रेनी सुरक्षा मामलों के कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य केवल भौतिक नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि रूस की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना भी है। उनके अनुसार यदि बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र प्रभावित होते हैं तो इसका असर सैन्य आपूर्ति के साथ-साथ नागरिक वितरण प्रणाली और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। साथ ही इससे मनोवैज्ञानिक दबाव भी बढ़ता है। दूसरी ओर, रूस इन हमलों को नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना कर रहा है।
तेल भंडारण केंद्र भी बना निशाना
रूसी अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को क्षेत्र में एक तेल भंडारण सुविधा भी ड्रोन हमले से प्रभावित हुई। यूक्रेन ने अलग से पुष्टि की कि उसने ऊर्जा से जुड़े एक महत्वपूर्ण लक्ष्य पर हमला किया। हाल के महीनों में यूक्रेन लगातार रूस की ऊर्जा अवसंरचना, तेल रिफाइनरियों और ईंधन भंडारण केंद्रों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले कर रहा है। यूक्रेन का तर्क है कि रूस अपनी सैन्य कार्रवाई के वित्तपोषण के लिए तेल और गैस निर्यात पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए ऐसे ठिकाने वैध सैन्य लक्ष्य हैं।
रूस ने भी किए जवाबी हमले
यूक्रेन ने आरोप लगाया कि रूस ने बीती रात उसके कई शहरों और नागरिक ढांचे पर हमले किए, जिनमें कम से कम 14 लोगों की मौत हुई। कीव का कहना है कि उसके ड्रोन अभियान रूसी हमलों के जवाब में चलाए जा रहे हैं। रूस और यूक्रेन दोनों लगातार एक-दूसरे पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं। युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि कई बार संभव नहीं हो पाती।
बढ़ती ड्रोन जंग बदल रही युद्ध की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब पारंपरिक सैन्य संघर्ष से आगे बढ़कर ड्रोन, साइबर हमलों और आर्थिक अवसंरचना पर केंद्रित युद्ध का रूप ले चुका है। लंबी दूरी के ड्रोन अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा संयंत्रों, गोदामों, परिवहन नेटवर्क और औद्योगिक परिसरों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।









