शेफाली वर्मा का राजस्थान दौरा: कुलदेवी-कुलदेवता के दर्शन, PM मोदी को लेकर कही खास बात

विश्वकप विजेता शेफाली वर्मा ने मंशादेवी मंदिर में कुलदेवी के दर्शन कर पदक समर्पित किया। सेमीफाइनल निराशा के बाद फाइनल में दम दिखाया और पीएम मोदी से मिलीं।

महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी और विश्व चैंपियन शेफाली वर्मा गुरुवार को अपने परिवार के साथ बहरोड़ के दहमी गांव स्थित मंशादेवी मंदिर पहुंचीं। उन्होंने कुलदेवी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और विश्वकप जीत के बाद मिला पदक माता के चरणों में समर्पित कर आशीर्वाद लिया।

अलवर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक बल्लेबाज शेफाली वर्मा गुरुवार को बहरोड़ के दहमी गांव स्थित मंशादेवी मंदिर में परिवार संग पहुंचीं, जहां उन्होंने कुलदेवी-कुलदेवता के दरबार में माथा टेका। विश्वकप विजेता टीम की सदस्य रहीं शेफाली ने मंदिर में छप्पन भोग अर्पित किया और जीत के उपलक्ष्य में मिला पदक भी देवी के चरणों में रखकर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के दौरान ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 

शेफाली ने बातचीत में कहा कि उनकी सफलता में माता का आशीर्वाद और परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला खिलाड़ियों को दिए प्रोत्साहन की भी सराहना की और कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल लगातार बढ़ता है। दर्शन के बाद शेफाली अलवर जिले में अपने परिजनों से भी मिलीं।

दर्शन के बाद भंडारे का आयोजन

शेफाली के परिवार ने धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर चांदी का छत्र, हार, पायजेब, सोने की नोज पिन, चुटकी, नए नोटों की माला, लाल साड़ी, श्रीफल और मुकुट सहित कई उपहार भेंट किए। मंदिर में आयोजित भंडारे में बच्चों को भोजन भी परोसा गया। पुजारी परमानंद ने चुनरी ओढ़ाकर शेफाली का पारंपरिक स्वागत किया।

शेफाली वर्मा का राजस्थान दौरा: कुलदेवी-कुलदेवता के दर्शन, PM मोदी को लेकर कही खास बात

अनुष्ठान के बाद परिवार पैतृक गांव जालावास पहुंचा और मुंडावर तहसील के जालावास स्थित बाबा मैडा मंदिर में कुलदेवता के दर्शन किए। परिवार ने मंदिर में मत्था टेककर शांतिपूर्ण जीवन और मंगलकामनाओं का आशीर्वाद लिया।

सेमीफाइनल की निराशा 

शेफाली ने बताया कि सेमीफाइनल में जल्दी आउट होने के बाद उनका आत्मविश्वास बुरी तरह प्रभावित हुआ। दो दिन और रात उनके लिए बेहद मुश्किल रहीं, क्योंकि मन में लगातार नकारात्मक विचार आ रहे थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त भावनाओं को संभालना खुद में चुनौती थी।

हालांकि, जब टीम प्रबंधन ने उन्हें फाइनल में खेलने की जानकारी दी, तो उन्होंने खुद को पूरी तरह बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने मन में ठान लिया कि निर्णायक मुकाबले में अपने प्रदर्शन से टीम को योगदान देना ही है, ताकि पिछले मैच की कसर पूरी महसूस न हो।

पीएम से मुलाकात

फाइनल में उतरने से पहले शेफाली ने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ एक था—ऐसा प्रदर्शन करना, जिससे मैच टीम के पक्ष में मोड़ सके। इस दृढ़ता ने ही उन्हें बड़े मंच पर बेहतरीन खेल दिखाने की प्रेरणा दी।

मैच जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को उन्होंने अपने करियर का अविस्मरणीय अनुभव बताया। शेफाली ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री से सम्मान मिलना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है और यह पल उनके जीवनभर याद रहेगा।

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