शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत: सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के करीब, वैश्विक संकेतों का दिखा असर

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के करीब रहा, एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर दिखा।

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी 23,100 के करीब रहा। एशियाई और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी तथा वैश्विक अनिश्चितता से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 27 मार्च को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 23,100 के करीब कारोबार करता दिखा। बाजार में यह दबाव पहले से ही बन रहा था, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स सुबह 7 बजे 197 अंक गिरकर 23,081 पर चल रहा था, जो साफ संकेत दे रहा था कि बाजार कमजोर खुल सकता है।

गौरतलब है कि गुरुवार को राम नवमी के अवसर पर बाजार बंद था, जबकि उससे पहले बुधवार को बाजार में मजबूती देखने को मिली थी और निफ्टी 50 तथा सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे। ऐसे में शुक्रवार की गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली नहीं थी, बल्कि वैश्विक संकेतों का असर मानी जा रही है।

वैश्विक बाजारों का दबाव

एशियाई बाजारों में शुक्रवार सुबह से ही कमजोरी का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 0.94 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लगभग 2.7 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया। यह गिरावट सीधे तौर पर अमेरिकी बाजारों में आई कमजोरी का असर है, जिसने एशियाई निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

अमेरिका के बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। एसएंडपी 500 में करीब 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.01 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं नैस्डैक कंपोजिट में 2.38 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। टेक शेयरों में बिकवाली का दबाव इस गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही स्थिति को लेकर। युद्धविराम को लेकर स्पष्टता न होने से बाजारों में सतर्कता बढ़ गई है।

अमेरिका-ईरान तनाव का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता की एक बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमले को 10 दिनों के लिए रोक दिया है, लेकिन स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही यह जानकारी सामने आई कि ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है। हालांकि इस मामले में ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इस तरह की भू-राजनीतिक (geopolitical) अनिश्चितता का सीधा असर शेयर बाजारों पर पड़ता है, क्योंकि निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

एशियाई ट्रेडिंग सेशन में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.26 प्रतिशत गिरकर 106.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल की कीमतों में यह गिरावट बाजार के लिए एक राहत संकेत हो सकती है, क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में निवेशक केवल तेल की कीमतों पर नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीतिक स्थिति पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

अगर तेल की कीमतें लगातार नरम रहती हैं, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है, क्योंकि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है।

IPO मार्केट में हलचल

प्राइमरी मार्केट में भी शुक्रवार को गतिविधि देखने को मिल रही है। एमिएक टेक्नोलॉजीज का IPO आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी का लक्ष्य इस इश्यू के जरिए 31.75 करोड़ रुपये जुटाना है।

इसके अलावा, आमिर चंद जगदीश कुमार (एक्सपोर्ट्स), पावरिका और साई पैरेंटरल्स के IPO में निवेश करने का आज अंतिम दिन है। दूसरे दिन तक इन इश्यू को क्रमशः 1.55 गुना, 0.03 गुना और 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। IPO मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, लेकिन मौजूदा बाजार की अस्थिरता का असर यहां भी देखने को मिल सकता है।

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