सूजी का हलवा, जिसे महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में शीरा या केसरी भी कहा जाता है, शायद भारत में सबसे ज्यादा बनाया जाने वाला मीठा है। यह सत्यनारायण की पूजा के प्रसाद के रूप में भी बहुत लोकप्रिय है। इसकी खासियत यह है कि यह सिर्फ 10-15 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है।
एकदम रसीला, दानेदार और मुंह में घुल जाने वाला हलवा बनाने के लिए माप का सही होना बहुत जरूरी है।
आवश्यक सामग्री
- सही माप का नियम: 1:1:1:3 (सूजी : घी : चीनी : पानी)
- सूजी (Rava): 1 कप (बारीक वाली सूजी बेहतर रहती है)
- देसी घी: ½ से ¾ कप (प्रसाद के लिए 1 कप लें, घर के लिए ¾ कप काफी है)
- चीनी: 1 कप (स्वादानुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं)
- पानी: 3 कप (आप चाहें तो आधा दूध और आधा पानी भी ले सकते हैं, इससे हलवा और भी शाही बनेगा)
- इलायची पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- सूखे मेवे: 10-12 काजू, बादाम (कटे हुए) और किशमिश
- केसर – 5 से 6 रेशे (रंग व सुगंध के लिए, इच्छानुसार)
बनाने की विधि
चाशनी (मीठा पानी) तैयार करना
- एक पतीले में 3 कप पानी (या दूध-पानी मिक्स), 1 कप चीनी, केसर और इलायची पाउडर डालें।
- इसे गैस पर रखें और उबाल आने दें।
- हमें इसकी कोई तार वाली चाशनी नहीं बनानी है, बस चीनी घुलने तक उबालना है। चीनी घुलते ही गैस बंद कर दें।
सूजी भूनना
- एक कड़ाही में घी गर्म करें।
- इसमें काजू और बादाम डालकर हल्का सुनहरा होने तक तलें और निकाल लें। (किशमिश को न तलें, वो जल जाती है)।
- अब उसी घी में सूजी डालें।
- धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सूजी को भूनें।
- सूजी को तब तक भूनें जब तक उसका रंग सुनहरा भूरा (Golden Brown) न हो जाए और उससे घी अलग न होने लगे। अच्छी खुशबू आने का मतलब है सूजी भून गई है। (जल्दबाजी न करें, नहीं तो हलवा कच्चा लगेगा)।
मिश्रण तैयार करना
- जब सूजी भून जाए, तो आंच को बिल्कुल धीमा कर दें।
- अब इसमें धीरे-धीरे और सावधानी से गर्म चीनी वाला पानी डालें। (सावधान रहें, पानी डालते ही बहुत भाप और बुलबुले उठेंगे)।
- लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें।
- अब इसमें तले हुए मेवे और किशमिश डाल दें।
पकाना
- कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर 2-3 मिनट तक पकने दें। ढकने से सूजी का दाना-दाना अच्छी तरह फूल जाता है।
- ढक्कन हटाएं और चलाएं। जब हलवा कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे और घी ऊपर दिखने लगे, तो समझें हलवा तैयार है।
- गैस बंद कर दें।
परोसने का तरीका
सूजी का हलवा गरमा-गरम ही सबसे ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। इसे परोसते समय कांच या स्टील की कटोरी में निकालें और ऊपर से भुने हुए काजू, बादाम और केसर के धागों से सजाएं, जिससे यह शाही दिखता है। अगर नाश्ते में बना रहे हैं, तो इसके साथ गरमा-गरम पूरी और काले चने (हलवा-पूरी) परोसें। पूजा के प्रसाद के लिए इसे पारंपरिक पत्तल या दोने में परोसना बहुत शुभ और सुंदर माना जाता है।
खाने के फायदे
सूजी का हलवा पचने में बहुत हल्का होता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा (Instant Energy) देता है, इसलिए बीमारी से रिकवरी के दौरान या बच्चों को नाश्ते में इसे देना बहुत फायदेमंद होता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला देसी घी शरीर और जोड़ों को चिकनाई देता है, वात दोष को कम करता है और त्वचा में चमक लाता है। साथ ही, मेवों (Dry fruits) की मौजूदगी इसे प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर बनाती है, जो दिमाग और शरीर को ताकत देते हैं।













