सस्ते होम लोन से बढ़ी घर खरीदने की उम्मीद, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे कम ब्याज

आरबीआई की रेपो रेट कमी के बाद ग्राहकों को सस्ती ईएमआई का फायदा मिलेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों ने नई दरें लागू कर दी है

देश के कई बड़े बैंकों ने होम लोन ब्याज दरों में कटौती की है। RBI की रेपो रेट कमी के बाद ग्राहकों को सस्ती EMI का फायदा मिलेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा, PNB और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों ने नई दरें लागू कर दी हैं।

बिजनेस: भारत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश के कई प्रमुख बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है, जिससे लाखों ग्राहकों की मासिक EMI कम हो सकती है। इस कदम के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में भी नई तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में लगातार कटौती किए जाने के बाद बैंकों ने ग्राहकों को राहत देना शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष 2025 में RBI ने कुल 1.25 प्रतिशत यानी 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की थी, जिसका असर अब बैंकिंग सेक्टर में साफ दिखाई दे रहा है।

मौजूदा समय में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर है, लेकिन बैंकों ने अपने फंडिंग कॉस्ट कम होने के बाद होम लोन दरों में संशोधन करना शुरू कर दिया है।

क्यों महत्वपूर्ण है MCLR में कटौती?

होम लोन की ब्याज दरें मुख्य रूप से MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) पर आधारित होती हैं। जब बैंक MCLR घटाते हैं, तो नए और कई पुराने ग्राहकों की EMI भी कम हो जाती है।

कम ब्याज दरों का सीधा फायदा उन लोगों को मिलता है जो पहली बार घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, मौजूदा लोन धारक भी बैलेंस ट्रांसफर या रीफाइनेंसिंग के जरिए फायदा उठा सकते हैं।

पंजाब नेशनल बैंक ने घटाई ब्याज दरें

सरकारी बैंक Punjab National Bank ने सभी अवधियों के लिए MCLR में 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। बैंक की एक साल की MCLR दर अब 8.95 प्रतिशत से घटकर 8.90 प्रतिशत हो गई है।

वहीं, तीन साल की MCLR दर 9.25 प्रतिशत से घटकर 9.21 प्रतिशत कर दी गई है। बैंक के इस फैसले से नए होम लोन लेने वालों को सस्ती EMI का लाभ मिल सकता है।

इंडियन बैंक ने भी ग्राहकों को दी राहत

Indian Bank ने भी चुनिंदा अवधियों के लिए अपनी MCLR दरों में 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। नई दरें जुलाई 2025 से लागू की गई थीं और इसका लाभ नए ग्राहकों के साथ-साथ कुछ मौजूदा उधारकर्ताओं को भी मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंडियन बैंक का यह कदम मध्यम आय वर्ग के ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो कम EMI के साथ घर खरीदने की योजना बना रहे हैं।

बैंक ऑफ इंडिया ने घटाई प्रमुख लोन दरें

Bank of India ने भी सभी अवधियों के लिए MCLR में 5 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। बैंक की एक साल की MCLR दर अब 9.05 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत हो गई है।

इसके अलावा, तीन साल की MCLR दर 9.20 प्रतिशत से घटकर 9.15 प्रतिशत पर आ गई है। बैंक की नई दरें जुलाई 2025 से प्रभावी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कटौती लंबी अवधि के होम लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने दिया सबसे बड़ा फायदा

Bank of Baroda ने होम लोन बाजार में सबसे आक्रामक कदम उठाते हुए ब्याज दरें घटाकर 7.45 प्रतिशत तक कर दी हैं। इतना ही नहीं, बैंक ने प्रोसेसिंग फीस को भी पूरी तरह शून्य कर दिया है।

कम ब्याज दर और जीरो प्रोसेसिंग फीस की वजह से बैंक ऑफ बड़ौदा फिलहाल होम लोन बाजार में सबसे आकर्षक विकल्पों में शामिल माना जा रहा है।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिल सकती है नई गति

विश्लेषकों का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। पिछले कुछ वर्षों में ऊंची EMI और महंगे लोन के कारण कई लोग घर खरीदने का फैसला टाल रहे थे।

अब कम ब्याज दरों और सस्ती EMI के कारण आवासीय संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है। खासतौर पर मेट्रो शहरों और तेजी से विकसित हो रहे टियर-2 शहरों में घरों की बिक्री में तेजी आने की संभावना है।

होम लोन लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि होम लोन लेने से पहले केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, फ्लोटिंग और फिक्स्ड रेट विकल्पों की भी तुलना करनी चाहिए।

इसके अलावा, ग्राहकों को अपनी आय और भविष्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही EMI तय करनी चाहिए, ताकि लंबे समय तक आर्थिक दबाव न बने।

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