Apple पर पुराने iPhone मॉडल्स को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए धीमा करने के आरोप फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूर्व इंजीनियर ने दावा किया कि नए मॉडल्स की बिक्री बढ़ाने के लिए ऐसा किया जाता था।
Tech: Apple एक बार फिर पुराने iPhone की परफॉर्मेंस को लेकर विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में खुद को कंपनी की पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि नए iPhone लॉन्च के बाद पुराने डिवाइसेज की स्पीड जानबूझकर कम की जाती थी। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने Apple को फिर से विवादों के केंद्र में ला दिया है। वीडियो में एक महिला, जो खुद को कंपनी की पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर बता रही है, दावा करती दिखाई देती है कि नए iPhone लॉन्च के साथ पुराने मॉडल्स के लिए ऐसे अपडेट जारी किए जाते थे जिनसे उनकी परफॉर्मेंस प्रभावित होती थी।

वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि क्या कंपनी पुराने iPhone यूजर्स को नए डिवाइस खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से मजबूर करती है।
‘बैटरीगेट’ विवाद की फिर होने लगी चर्चा
इस मामले के बाद 2017 का चर्चित ‘बैटरीगेट’ विवाद भी फिर चर्चा में आ गया है। उस समय Apple ने माना था कि कुछ पुराने iPhone मॉडल्स की स्पीड को सीमित किया गया था। कंपनी ने कहा था कि यह कदम कमजोर बैटरी वाले फोन्स को अचानक बंद होने से बचाने के लिए उठाया गया था।
हालांकि उस दौरान कई यूजर्स और टेक एक्सपर्ट्स ने इसे कंपनी की रणनीति बताया था, जिससे लोग नए iPhone मॉडल्स की ओर शिफ्ट हों। इसी मुद्दे पर Apple को कई देशों में आलोचना और कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ा था।
वायरल दावों पर अब तक नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि पुराने iPhone के लिए रोल आउट किए गए कुछ सॉफ्टवेयर अपडेट्स में “हिडन कोड” शामिल होते थे। उसके अनुसार, इनका असर डिवाइस की स्पीड और स्टेबिलिटी पर पड़ता था।
यह वीडियो X पर Wall Street Apes नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। हालांकि अब तक Apple ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो पाई है, इसलिए वीडियो में कही गई बातों को पूरी तरह सही मानना मुश्किल है।












