स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहम सबसे मजबूत दावेदार: डैरेन जोन्स और अल कार्न्स भी चाहते मुकाबला

स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नए नेता की तलाश तेज हो गई है। एंडी बर्नहम सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, कुछ सांसद नेतृत्व चुनाव की मांग कर रहे।

ब्रिटेन में कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। एंडी बर्नहम सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं, जबकि कुछ सांसद नेतृत्व चुनाव की मांग कर रहे हैं और संभावित चुनौती पर विचार कर रहे हैं।

लंदन: ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया ने देश की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टारमर के इस्तीफे की घोषणा के बाद अब यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण बन गया है कि पार्टी का अगला नेता और ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री कौन होगा। इस बीच पूर्व ग्रेटर मैनचेस्टर मेयर और हाल ही में सांसद बने एंडी बर्नहम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं, लेकिन पार्टी के भीतर उनकी संभावित ताजपोशी को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

स्टारमर के इस्तीफे के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक ने सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब मौजूदा कैबिनेट की शक्ति और प्रभाव पहले जैसा नहीं रह गया है, क्योंकि सभी की नजरें आने वाले नेतृत्व परिवर्तन पर टिकी हुई हैं।

इस्तीफे के बाद बदल गया राजनीतिक माहौल

सोमवार को कीर स्टारमर ने भावुक संबोधन के दौरान अपने पद छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने अपने परिवार, सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। बाद में उन्होंने और उनकी पत्नी विक्टोरिया स्टारमर ने डाउनिंग स्ट्रीट के बगीचे में कर्मचारियों के लिए एक अनौपचारिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया।

स्टारमर ने स्पष्ट किया कि लेबर पार्टी का नया नेता 1 सितंबर तक चुन लिया जाएगा। हालांकि यदि नेतृत्व पद के लिए केवल एक ही उम्मीदवार पर्याप्त समर्थन हासिल कर लेता है, तो यह प्रक्रिया इससे पहले भी पूरी हो सकती है। उनकी घोषणा के साथ ही ब्रिटिश राजनीति में उत्तराधिकार की चर्चा शुरू हो गई और एंडी बर्नहम का नाम सबसे आगे आने लगा।

एंडी बर्नहम बने सबसे मजबूत दावेदार

हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे एंडी बर्नहम ने नेतृत्व पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी है। बर्नहम को विशेष रूप से उस समय बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली जब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया।

बर्नहम की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनकी हालिया चुनावी सफलता मानी जा रही है। उन्होंने ऐसे क्षेत्र में जीत दर्ज की जहां दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था। इस जीत ने उन्हें पार्टी के भीतर एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं।

कई सांसदों का मानना है कि मौजूदा समय में लेबर पार्टी को ऐसे ही चेहरे की जरूरत है जो पार्टी को फिर से मजबूती प्रदान कर सके और आगामी चुनावों में जनता का विश्वास हासिल कर सके।

बिना मुकाबले प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर सवाल

हालांकि बर्नहम की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों को यह चिंता भी है कि कहीं वह बिना किसी वास्तविक नेतृत्व मुकाबले के प्रधानमंत्री न बन जाएं।

कुछ सांसदों का मानना है कि ब्रिटेन जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी भी संभावित प्रधानमंत्री को नेतृत्व चुनाव की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए ताकि उसकी नीतियों, दृष्टिकोण और योजनाओं की सार्वजनिक समीक्षा हो सके।

एक वरिष्ठ लेबर सांसद ने कहा कि जनता यह उम्मीद करती है कि देश के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभालने वाला व्यक्ति खुले राजनीतिक परीक्षण और बहस से गुजरे। ऐसे में बिना प्रतिस्पर्धा के नेतृत्व परिवर्तन पार्टी की लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।

डैरेन जोन्स और अल कार्न्स पर टिकी निगाहें

लेबर पार्टी के भीतर कुछ नेता चाहते हैं कि एंडी बर्नहम को सीधी चुनौती दी जाए। इसी संदर्भ में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—डैरेन जोन्स और अल कार्न्स।

डैरेन जोन्स, जो वर्तमान में सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, नेतृत्व पद की दौड़ में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। वहीं पूर्व सशस्त्र बल मंत्री अल कार्न्स ने भी संकेत दिया है कि वे इस विषय पर निर्णय लेने से पहले पार्टी के भविष्य और उसकी दीर्घकालिक रणनीति पर विचार करना चाहते हैं।

स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहम सबसे मजबूत दावेदार: डैरेन जोन्स और अल कार्न्स भी चाहते मुकाबला

हालांकि राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि दोनों नेताओं के लिए आवश्यक समर्थन जुटाना आसान नहीं होगा। नेतृत्व चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए कम से कम 81 सांसदों का समर्थन जरूरी है, जो फिलहाल बर्नहम के पक्ष में झुकते दिखाई दे रहे हैं।

क्या बर्नहम राष्ट्रीय स्तर पर उतने ही लोकप्रिय हैं?

एंडी बर्नहम की लोकप्रियता ग्रेटर मैनचेस्टर क्षेत्र में निर्विवाद मानी जाती है। मेयर के रूप में उनके कार्यकाल को व्यापक सराहना मिली और स्थानीय स्तर पर उन्होंने मजबूत जनाधार तैयार किया।

लेकिन आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी लोकप्रियता अभी पूरी तरह परखी नहीं गई है। कुछ वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि क्षेत्रीय स्तर पर सफल होना और पूरे देश का नेतृत्व करना दो अलग-अलग चुनौतियां हैं।

पार्टी के भीतर कई लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि बर्नहम इससे पहले दो बार लेबर नेतृत्व चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि समर्थकों का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं और आज बर्नहम की स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है।

कैबिनेट में अनिश्चितता का माहौल

स्टारमर के इस्तीफे के बाद आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में भविष्य की अनिश्चितता साफ दिखाई दी। कई मंत्रियों को यह एहसास है कि नया नेता चुने जाने के बाद कैबिनेट में बड़े बदलाव हो सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार वर्तमान मंत्रिमंडल के कई सदस्य नई सरकार में अपनी जगह खो सकते हैं। यही कारण है कि प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव की तैयारी शुरू हो चुकी है।

वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के बीच अब चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि नया नेतृत्व किस दिशा में पार्टी और सरकार को आगे बढ़ाएगा।

विपक्षी दलों ने साधा निशाना

नेतृत्व परिवर्तन की इस प्रक्रिया पर विपक्षी दल भी लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कंजर्वेटिव पार्टी ने लेबर सरकार की नीतियों और नेतृत्व संकट को लेकर सवाल उठाए हैं।

वहीं अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से देश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन रही है। उनका तर्क है कि जनता स्थिर नेतृत्व और स्पष्ट नीतिगत दिशा चाहती है।

ब्रिटेन के लिए आगे की राह

यदि एंडी बर्नहम बिना बड़े मुकाबले के नेतृत्व हासिल कर लेते हैं, तो वह पिछले चार वर्षों में ब्रिटेन के पांचवें प्रधानमंत्री बन सकते हैं। यह स्थिति ब्रिटिश राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की तेज रफ्तार को दर्शाती है।

आने वाले सप्ताहों में यह स्पष्ट होगा कि क्या लेबर पार्टी नेतृत्व के लिए औपचारिक चुनाव कराती है या बर्नहम सर्वसम्मति से चुने जाते हैं। लेकिन इतना तय है कि यह

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