Teachers' Day 2026: PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद, बोले- बच्चों का बचपन मरने नहीं देना है

Teachers' Day 2026 पर PM मोदी ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विजेताओं से संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की जिज्ञासा और बचपन को बनाए रखने के साथ स्क्रीन टाइम कम

आज 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड के विजेता शिक्षकों से संवाद किया और बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण को लेकर चर्चा की।

Teachers' Day 2026: देशभर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने National Teachers Awards पाने वाले शिक्षकों से संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा की बदलती भूमिका, बच्चों की प्रतिभा पहचानने, स्क्रीन टाइम की बढ़ती समस्या और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की। 

पीएम मोदी ने शिक्षकों से खास तौर पर अपील की कि शिक्षा केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और रचनात्मकता को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाए।

हर बच्चे में छिपी होती है अलग प्रतिभा

शिक्षकों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हो सकता है कोई बच्चा पढ़ाई में बहुत अच्छा प्रदर्शन न कर पाए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसमें कोई क्षमता नहीं है। उनके मुताबिक, ईश्वर ने हर व्यक्ति को किसी न किसी विशेष योग्यता के साथ बनाया है। पीएम मोदी ने शिक्षकों से सवाल किया कि क्या वे विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने के लिए अलग से प्रयास करते हैं। 

जवाब में शिक्षकों ने बताया कि कक्षा में मौजूद हर बच्चा अलग होता है। किसी में विशेष प्रतिभा होती है, तो किसी के सामने अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह इन खूबियों और क्षमताओं को पहचानकर बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दे। प्रधानमंत्री ने इस सोच को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों की क्षमता को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी है।

Breast Cancer Awareness पर भी हुई चर्चा

संवाद के दौरान एक शिक्षिका ने अपने शोध के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनका शोध विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी कई महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करने में झिझकती हैं। इसलिए उनका प्रयास महिलाओं को जागरूक करना और उन्हें यह समझाने पर केंद्रित है कि किन परिस्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

इस पर पीएम मोदी ने काशी में चलाए गए अपने ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब महिलाएं पहले की तुलना में अधिक संख्या में आगे आकर स्वास्थ्य जांच करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन में बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य जांच से जुड़ा Guinness World Record भी दर्ज किया गया है।

Teachers' Day 2026: PM मोदी ने शिक्षकों से किया संवाद, बोले- बच्चों का बचपन मरने नहीं देना है

बच्चों में बढ़ रहा है Screen Time Addiction

पीएम मोदी ने बच्चों के बीच बढ़ते screen time को भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक तरह की आदत या एडिक्शन का रूप ले सकता है। ऐसे में बच्चों को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बच्चे मैदान में जाकर खेलना शुरू करते हैं और शारीरिक गतिविधियों में उनकी रुचि बढ़ती है, तो वे धीरे-धीरे अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल से बाहर आ सकते हैं। पीएम मोदी ने शिक्षकों और शिक्षा जगत से बच्चों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने वाले कार्यक्रमों को नियमित गतिविधि का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

'बचपन मरने नहीं देना चाहिए'

संवाद के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा जगत के लिए एक व्यापक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को केवल किताबों और सिलेबस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बच्चों को समझने के लिए उनकी वास्तविक जिंदगी, रुचियों, भावनाओं और क्षमताओं से जुड़ना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि "बचपन मरने नहीं देना चाहिए।" 

उनके अनुसार, बच्चों के भीतर मौजूद जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और सहजता को बनाए रखने में शिक्षक की सबसे बड़ी भूमिका हो सकती है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि शिक्षक का अपना बचपन भी जीवित रहना चाहिए, क्योंकि यही भावना उन्हें बच्चों को बेहतर ढंग से समझने और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी।

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