तेलंगाना में CMR प्रणाली की होगी सख्त निगरानी, डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर कार्रवाई की तैयारी

तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने CMR प्रणाली की समीक्षा की। सरकार ने डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता के निर्देश दिए।

तेलंगाना सरकार ने CMR प्रणाली की समीक्षा करते हुए डिफॉल्टर राइस मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई, लंबित बकाया की वसूली और पारदर्शिता बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने किसानों के हितों और सार्वजनिक धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने कस्टम मिल्ड राइस (CMR) प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने CMR व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें पिछले 10 से 12 वर्षों के रिकॉर्ड, लंबित बकाया, राइस मिलर्स की कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार के प्रति बकाया CMR देनदारियों का भुगतान नहीं करने वाले राइस मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और लंबित राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

CMR प्रणाली में पारदर्शिता लाने पर सरकार का फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों के साथ CMR प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी, डेटा प्रबंधन और तकनीकी सुधारों के जरिए धान खरीद, मिलिंग और चावल आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे सरकारी रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर समय रहते कार्रवाई संभव होगी।

पिछले एक दशक के रिकॉर्ड की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान CMR प्रणाली के संचालन का गहन विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न वर्षों में धान की खरीद, मिलिंग, चावल की आपूर्ति, लंबित बकाया और अनुबंधों के पालन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सरकार का उद्देश्य यह समझना है कि किन कारणों से बकाया बढ़ा और किन प्रशासनिक कमियों के कारण CMR व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके आधार पर भविष्य के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर होगी सख्त कार्रवाई

समीक्षा बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उन राइस मिलर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई का रहा जिन्होंने सरकार को निर्धारित समय पर CMR उपलब्ध नहीं कराया या बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर बकाया वसूली की प्रक्रिया तेज की जाए। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन और सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विजिलेंस कार्रवाई और जांच की प्रगति पर हुई चर्चा

बैठक में अब तक की गई विजिलेंस छापेमारी, दर्ज मामलों और जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में हुई कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया और बताया कि किन मामलों में जांच जारी है। सरकार ने निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।

तेलंगाना में CMR प्रणाली की होगी सख्त निगरानी, डिफॉल्टर राइस मिलर्स पर कार्रवाई की तैयारी

जिलावार रिपोर्ट के आधार पर बनेगी नई रणनीति

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिलेवार रिपोर्ट पेश की, जिसमें प्रत्येक जिले के राइस मिलर्स का प्रदर्शन, CMR बकाया की स्थिति और डिफॉल्ट से जुड़े मामलों की जानकारी दी गई। सरकार इन आंकड़ों के आधार पर उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही, बकाया वसूली और भविष्य में डिफॉल्ट रोकने के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।

सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए नई योजना

बैठक में सरकारी धान, चावल और अन्य संसाधनों की सुरक्षा के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। सरकार चाहती है कि खरीद से लेकर भंडारण और वितरण तक पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित हो। इसके लिए प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय या परिचालन संबंधी अनियमितता की संभावना कम हो।

कई विभागों के अधिकारियों को दिए गए निर्देश

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने नागरिक आपूर्ति विभाग, विजिलेंस विभाग और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को समन्वित तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से जांच प्रक्रिया तेज होगी और बकाया वसूली के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पूरी समीक्षा का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समय पर धान खरीद, मिलिंग और भुगतान की प्रभावी व्यवस्था से किसानों का विश्वास मजबूत होगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली भी अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CMR प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है तो इसका सीधा लाभ किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा।

आगे की कार्ययोजना पर नजर

सरकार आने वाले समय में CMR प्रणाली में तकनीकी सुधार, डिजिटल निगरानी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और बेहतर प्रशासनिक समन्वय जैसे कदम लागू कर सकती है। हालांकि इन सुधारों का अंतिम स्वरूप सरकार की आगामी बैठकों और प्रशासनिक निर्णयों के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल सरकार ने संकेत दिए हैं कि डिफॉल्टर राइस मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लंबित बकाया की वसूली उसकी प्राथमिकता रहेगी।

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