C. Joseph Vijay ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में हिस्सा लेकर केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंधों के संकेत दिए। बैठक के बाद उन्होंने अलग से Narendra Modi से मुलाकात की और विभिन्न विकास एवं राज्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महीने के भीतर दूसरी बार मुलाकात कर राज्य और केंद्र के बीच संबंधों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के बाद विजय ने प्रधानमंत्री से अलग से मुलाकात की और तमिलनाडु से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की कार्यशैली चुनावी राजनीति से अलग दिखाई दे रही है। जहां चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपनी पार्टी का वैचारिक प्रतिद्वंद्वी बताया था, वहीं सत्ता संभालने के बाद उनका फोकस केंद्र सरकार के साथ संवाद और सहयोग पर अधिक नजर आ रहा है।
एक महीने में पीएम मोदी से दूसरी मुलाकात
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने पहली बार 27 मई को नई दिल्ली का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर तमिलनाडु के लिए वित्तीय सहायता, आधारभूत ढांचा परियोजनाओं, विभिन्न विकास योजनाओं की मंजूरी और मेकेदातु जल विवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया था। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर राज्य के लिए अधिक बजटीय सहायता की मांग की थी।
इसके बाद नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए एक बार फिर दिल्ली पहुंचे विजय ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी रखी। लगातार संवाद की यह प्रक्रिया तमिलनाडु सरकार की नई प्रशासनिक प्राथमिकताओं का संकेत मानी जा रही है।
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नीति आयोग की बैठक में उठाया NEET का मुद्दा
नीति आयोग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर तमिलनाडु का पुराना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों पर पड़ता है। राज्य सरकार का मानना है कि तमिलनाडु के राज्य कोटे की एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दिए जाने चाहिए।
हालांकि, इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए विजय ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की आलोचना करने के बजाय राज्य की चिंताओं और छात्रों के हितों पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद बदला नजर आ रहा है राजनीतिक रुख
विजय के हालिया राजनीतिक कदमों ने यह संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनकी प्राथमिकताएं चुनावी भाषणों से अलग हो सकती हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, उन्होंने अब तक केंद्र सरकार या भाजपा के खिलाफ तीखी सार्वजनिक बयानबाजी से परहेज किया है। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री के रूप में दिए गए अपने शुरुआती संबोधनों में भी उनका ध्यान राज्य के विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर अधिक केंद्रित रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी राज्य सरकार के लिए केंद्र के साथ नियमित संवाद और सहयोग कई विकास परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।








