लखनऊ में ‘त्रिवेणी’ संवाद में यूपी मॉडल पर चर्चा, वक्ताओं ने गिनाईं योगी सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ के त्रिवेणी संवाद में यूपी के विकास, सुशासन, निवेश, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ में उत्तर प्रदेश के विकास, सुशासन और निवेश मॉडल पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और आर्थिक प्रगति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के दूसरे दिन राज्य के विकास मॉडल, सुशासन और आर्थिक प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, डिजिटल क्रिएटर्स और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने राज्य में हुए बदलावों, निवेश के बढ़ते अवसरों और बुनियादी ढांचे के विकास पर अपने विचार रखे।

विकास और सुशासन पर केंद्रित रही चर्चा

लखनऊ में आयोजित ‘त्रिवेणी’ संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को प्रमुख विषय बनाया गया। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने राज्य में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों पर चर्चा की और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभाव को रेखांकित किया।

लखनऊ में ‘त्रिवेणी’ संवाद में यूपी मॉडल पर चर्चा, वक्ताओं ने गिनाईं योगी सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री के सलाहकार Avanish Awasthi ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने आवास, स्वच्छता, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के विस्तार का उल्लेख किया।

कानून-व्यवस्था और निवेश को लेकर रखे गए विचार

चर्चा के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और निवेश माहौल पर भी बात हुई। वक्ताओं ने कहा कि अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास ने औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने में भूमिका निभाई है।

उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और जेवर एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें राज्य की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। साथ ही कहा गया कि बड़े निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

उद्योग और अर्थव्यवस्था पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के कारण उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।

चर्चा में एक जिला एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखा गया। वक्ताओं ने कहा कि इन पहलों से उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास पर जोर

कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे कार्यों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया। उनका कहना था कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क और सरकारी सेवाओं की पहुंच में सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदलाव दिखाई दे रहा है।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और बड़े आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न विभागों के स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों और कंटेंट क्रिएटर्स के सवालों के जवाब भी दिए गए।

तीन दिवसीय ‘त्रिवेणी’ संवाद का उद्देश्य नीति, विकास, लोकतंत्र और डिजिटल भागीदारी से जुड़े विषयों पर विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना बताया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।

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