UP चुनाव से पहले 54 जिलों में होगी EVM की FLC, वाराणसी और लखनऊ में अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

UP विधानसभा चुनाव से पहले 54 जिलों में EVM की प्रथम स्तरीय जांच होगी। वाराणसी में 11 सितंबर और लखनऊ में 14 सितंबर को अधिकारियों को FLC ट्रेनिंग मिलेगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 54 जिलों में EVM की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। वाराणसी में 11 सितंबर और लखनऊ में 14 सितंबर को जिला निर्वाचन अधिकारियों को FLC प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

लखनऊ: अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में 21 जिलों में EVM की प्रथम स्तरीय जांच यानी FLC पूरी कराने के बाद अब शेष 54 जिलों में प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को तकनीकी प्रक्रिया और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।

54 जिलों में शुरू होगी EVM की प्रथम स्तरीय जांच

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले EVM की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 21 जिलों में EVM की FLC कराई जा चुकी है। अब बाकी 54 जिलों में भी यह प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारी है।

UP चुनाव से पहले 54 जिलों में होगी EVM की FLC, वाराणसी और लखनऊ में अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

इसके लिए संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी को FLC की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। अधिकारियों को EVM की जांच के दौरान अपनाई जाने वाली तकनीकी प्रक्रिया, निर्धारित मानकों और आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

11 सितंबर को वाराणसी में होगी कार्यशाला

FLC प्रक्रिया को लेकर पहली कार्यशाला 11 सितंबर को वाराणसी में आयोजित की जाएगी। इसमें छह मंडलों के संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल होंगे।

इस कार्यशाला में वाराणसी, प्रयागराज, मीरजापुर, आजमगढ़, गोरखपुर और बस्ती मंडलों के अधिकारियों को EVM की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को बताया जाएगा कि EVM की FLC किस तरह कराई जानी है, किन तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखना जरूरी है और भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित मानकों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में EVM बनाने वाली कंपनी BEL के इंजीनियर भी शामिल होंगे।

14 सितंबर को लखनऊ में अधिकारियों को प्रशिक्षण

वाराणसी के बाद 14 सितंबर को लखनऊ में दूसरी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सात मंडलों के संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल होंगे। इन मंडलों में लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, मुरादाबाद, देवीपाटन और अयोध्या शामिल हैं।

लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को EVM की प्रथम स्तरीय जांच से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया और आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।

इन दोनों कार्यशालाओं के पूरा होने के बाद संबंधित जिलों में EVM की FLC प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस तरह प्रदेश के शेष जिलों में भी चुनाव से पहले मशीनों की जांच की तैयारी की जा रही है।

चुनाव से पहले FLC क्यों है महत्वपूर्ण?

विधानसभा चुनाव से पहले EVM की प्रथम स्तरीय जांच को चुनावी तैयारियों की महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। इसके तहत मशीनों की तकनीकी स्थिति और कार्यशीलता की जांच की जाती है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जिलों में यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी कराई जा रही है। अधिकारियों को पहले से प्रशिक्षण देने का उद्देश्य FLC प्रक्रिया को तय नियमों और तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा कराना है। वाराणसी और लखनऊ में होने वाली कार्यशालाओं के बाद 54 जिलों में EVM की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

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