उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और गाजियाबाद स्थित दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन IIT गांधीनगर के क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के लिए हुआ है। छात्राओं को विज्ञान, गणित और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
Lucknow: उत्तर प्रदेश की बालिका शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है। प्रयागराज और गाजियाबाद के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन IIT गांधीनगर के प्रतिष्ठित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के लिए किया गया है। यह उपलब्धि छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन और शिक्षा क्षेत्र में लगातार हो रहे सुधारों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान
उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्राओं की प्रतिभा का परिचय दिया है। IIT गांधीनगर द्वारा आयोजित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के लिए राज्य के दो विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें प्रयागराज के कौड़िहार-1 स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और गाजियाबाद के लोनी नगर पालिका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल हैं।
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यह कार्यक्रम देशभर के उन विद्यालयों को अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने विज्ञान और रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। चयनित विद्यालयों की छात्राओं को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में सीखने और नए अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
जुलाई में होगा विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार 13 से 15 जुलाई 2026 तक IIT गांधीनगर में विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में चयनित विद्यालयों से दो-दो छात्राएं और एक-एक शिक्षिका भाग लेंगी।
इस दौरान छात्राओं को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, वैज्ञानिक गतिविधियों और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य में उच्च शिक्षा तथा शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ चयन
IIT गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (CCL) के अनुसार दोनों विद्यालयों ने पूरे वर्ष आयोजित क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उत्कृष्ट भागीदारी दर्ज की। प्रयागराज के विद्यालय ने 50 में से 46 सत्रों में हिस्सा लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई और 39 वर्कशीट जमा कीं।
वहीं गाजियाबाद के विद्यालय ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेते हुए 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की और 42 वर्कशीट जमा कीं। इन आंकड़ों ने दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई और चयन की दौड़ में आगे रखा।
विज्ञान और नवाचार की दुनिया से होगा परिचय
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, तकनीक और नवाचार से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। उन्हें प्रयोग आधारित शिक्षण, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान की तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का अनुभव उन्हें भविष्य में इंजीनियरिंग, विज्ञान और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
बालिका शिक्षा को मिल रही नई दिशा
यह उपलब्धि राज्य में बालिका शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, विज्ञान और गणित आधारित गतिविधियों तथा राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य इन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बालिका सशक्तिकरण का माध्यम बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अवसर छात्राओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।
प्रयागराज और गाजियाबाद के इन विद्यालयों का चयन न केवल संबंधित छात्राओं के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इससे अन्य छात्राओं को भी राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेने की प्रेरणा मिलेगी।









