कोटा में बड़ा सड़क हादसा टला: तेज रफ्तार ट्रेलर 30 फीट नीचे गिरा, 150 फीट रेलिंग तोड़ने के बाद पलटा

राजस्थान के कोटा में तेज रफ्तार ट्रेलर NH-27 पर पुलिया से 30 फीट नीचे गिर गया। 150 फीट रेलिंग टूट गई। ड्राइवर और खलासी घायल हुए, लेकिन बड़ा हादसा टल गया।

राजस्थान के कोटा में NH-27 पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पुलिया से 30 फीट नीचे गिर गया। हादसे में ड्राइवर और खलासी घायल हुए। ट्रेलर ने 150 फीट लंबी रेलिंग तोड़ दी, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार से जा रहा एक ट्रेलर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर अनियंत्रित होकर पुलिया से लगभग 30 फीट नीचे गिर गया। दुर्घटना के दौरान ट्रेलर ने सड़क किनारे लगी करीब 150 फीट लंबी लोहे की रेलिंग को तोड़ दिया और फिर नीचे पलट गया। हादसे में चालक और खलासी घायल हुए हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

यह दुर्घटना कैथून थाना क्षेत्र में कोटा-बारां राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ताथेड़ पुलिया के पास सुबह करीब 3 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय पुलिया के नीचे या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि वहां लोग होते तो यह हादसा कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकता था।

कोलकाता से अहमदाबाद जा रहा था ट्रेलर

पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गुजरात के अहमदाबाद की ओर जा रहा था। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ट्रेलर जब कोटा-बारां हाईवे पर ताथेड़ पुलिया के समीप पहुंचा, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर अचानक सड़क से बाहर निकल गया और तेज गति के कारण हाईवे के किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग को तोड़ता हुआ पुलिया से नीचे जा गिरा। वाहन के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों की नींद खुल गई और कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

150 फीट सुरक्षा रेलिंग क्षतिग्रस्त

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेलर ने लगभग 150 फीट लंबी मजबूत लोहे की रेलिंग को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रेलिंग वाहन की रफ्तार को कम नहीं करती तो ट्रेलर और भी अधिक दूरी तक जा सकता था, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाई जाने वाली सुरक्षा रेलिंग का उद्देश्य ऐसे ही हादसों में वाहनों को सड़क से पूरी तरह बाहर जाने से रोकना होता है। हालांकि इस मामले में ट्रेलर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि रेलिंग भी उसे रोक नहीं सकी।

ड्राइवर और खलासी को आई मामूली चोटें

दुर्घटना की सूचना मिलते ही कैथून थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने ट्रेलर में फंसे चालक और खलासी को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। समय पर राहत कार्य शुरू होने के कारण किसी प्रकार की गंभीर जनहानि नहीं हुई।

घायलों के प्राथमिक उपचार के बाद उनसे हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय चालक की स्थिति क्या थी और क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

कुछ समय के लिए प्रभावित रहा यातायात

हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई और पुलिस को यातायात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।

कोटा में बड़ा सड़क हादसा टला: तेज रफ्तार ट्रेलर 30 फीट नीचे गिरा, 150 फीट रेलिंग तोड़ने के बाद पलटा

सुबह होने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। कई लोग ट्रेलर की स्थिति और टूट चुकी रेलिंग को देखने के लिए जमा हो गए। इसके चलते पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।

बाद में प्रशासन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाने और सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

हादसे के कारणों की जांच जारी

कैथून थाना के एएसआई हीरालाल ने बताया कि दुर्घटना देर रात हुई और शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गया। हालांकि वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

पुलिस कई संभावित कारणों की जांच कर रही है, जिनमें चालक की थकान, अत्यधिक गति, वाहन में तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेलर में किस प्रकार का माल लदा हुआ था, क्योंकि प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित निकालकर उनका उपचार करवाना था।

भारत में सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर भारत में सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े करता है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज गति से चलने वाले ट्रकों और ट्रेलरों से जुड़े हादसे अक्सर गंभीर परिणाम लेकर आते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए पर्याप्त विश्राम, नियमित वाहन निरीक्षण और गति नियंत्रण जैसे उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। इसके अलावा आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और ड्राइवर सहायता प्रणालियों का उपयोग भी ऐसे हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बड़ा हादसा टलने से राहत

हालांकि ट्रेलर का पुलिया से नीचे गिरना बेहद गंभीर घटना थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। यदि हादसे के समय पुलिया के नीचे लोग मौजूद होते या कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ जाता, तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया है।

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