UP Weather Today: 43.2 डिग्री पर तपकर प्रदेश में सबसे गर्म रहा बांदा, उमस ने बढ़ाई बेचैनी

बांदा में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज होने से यह यूपी का सबसे गर्म जिला रहा। मानसून में देरी और बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। मानसून की देरी और बढ़ती नमी के कारण लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ रहा है।

 Uttar Pradesh: बुंदेलखंड क्षेत्र में मानसून का इंतजार अभी जारी है, जबकि भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। बांदा में शनिवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम में बढ़ती नमी के कारण उमस भी बढ़ गई है, जिससे जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

बांदा बना प्रदेश का सबसे गर्म जिला

उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर अभी भी कम होता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को बांदा का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा।

UP Weather Today: 43.2 डिग्री पर तपकर प्रदेश में सबसे गर्म रहा बांदा, उमस ने बढ़ाई बेचैनी

पिछले कई दिनों से बुंदेलखंड क्षेत्र भीषण गर्मी की चपेट में है। जून के पहले और दूसरे सप्ताह में कई बार तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, जिससे आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की धीमी प्रगति के कारण गर्मी का प्रभाव लंबे समय तक बना हुआ है।

उमस और गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें

शनिवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखाई देने लगा था। दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई। अधिकांश लोग केवल जरूरी कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकले।

शाम के समय आसमान में बादलों की हल्की आवाजाही जरूर दिखाई दी, लेकिन बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बढ़ गई। इसके चलते उमस ने लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी। गर्मी और नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण लोगों को राहत नहीं मिल सकी।

गर्मी से बचाव के लिए लोग शीतल पेय, शिकंजी, जूस और आइसक्रीम का सहारा लेते नजर आए। शहर के बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ बनी रही।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

मानसून में देरी का असर खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने से खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पा रही है।

नमी की कमी के कारण जुताई और बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि जल्द बारिश नहीं होती है तो खरीफ सीजन की शुरुआत में देरी हो सकती है। इसके अलावा पशुपालकों को भी मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करने में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने दिए संकेत

मौसम विज्ञानी डॉ. दिनेश शाहा के अनुसार क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। वातावरण में नमी बढ़ रही है और बादलों की आवाजाही भी देखी जा रही है, जो मानसून के आगमन के संकेत माने जाते हैं।

हालांकि व्यापक और अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। तब तक बांदा और आसपास के इलाकों के लोगों को गर्मी और उमस की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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