वैष्णो देवी धाम में चांदी के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट का मामला सामने आया है। जांच में नकली धातु और कैडमियम जैसे खतरनाक तत्व पाए गए हैं। कई दुकानों पर असली चांदी बेहद कम मात्रा में मिली। यह मामला आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
Vaishno Devi silver scam: जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी धाम में चांदी की खरीद-बिक्री और चढ़ावे से जुड़ा बड़ा मिलावट मामला सामने आया है, जिसमें कई दुकानों पर नकली धातु और कैडमियम जैसी जहरीली मिलावट पाए जाने की पुष्टि हुई है। यह जांच मंदिर मार्ग और कटरा क्षेत्र में की गई, जहां श्रद्धालु (कौन) यात्रा के दौरान चांदी खरीदते हैं (क्या)। रिपोर्ट के अनुसार करीब 20 टन चांदी की जांच में भारी अनियमितताएं सामने आईं (कब/क्यों), जिससे आस्था, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।
चांदी के नाम पर बड़ा मिलावट घोटाला सामने आया
वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावे और खरीदारी के लिए ली जा रही चांदी को लेकर गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है। जांच में सामने आया है कि कई दुकानों पर बेची जा रही “चांदी” में असली धातु बेहद कम मात्रा में है और उसमें कैडमियम जैसी खतरनाक धातुओं की मिलावट की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 टन चांदी की जांच के दौरान चौंकाने वाले नतीजे मिले। अनुमानित मूल्य का बड़ा हिस्सा नकली निकला, जहां असली चांदी का अनुपात कई मामलों में बेहद कम पाया गया। यह मामला न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी का है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य दोनों से जुड़ा गंभीर सवाल भी खड़ा करता है।
कटरा और यात्रा मार्ग की दुकानों पर शक की सुई
जांच में जिन जगहों पर मिलावट की आशंका जताई गई है, उनमें कटरा और वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के आसपास की दुकानें प्रमुख हैं। श्रद्धालु यात्रा के दौरान यहीं से चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदते हैं, जो अक्सर बिना जांच के ही असली मान लिए जाते हैं।
तिरुपति या सिद्धिविनायक जैसे अन्य बड़े धार्मिक स्थलों के मुकाबले यहां इस तरह की शिकायतें पहली बार इतने बड़े स्तर पर सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आस्था का फायदा उठाकर यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही हो सकती है।
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कैडमियम की मिलावट से स्वास्थ्य को बड़ा खतरा
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि नकली चांदी में कैडमियम जैसी जहरीली धातु का इस्तेमाल किया गया है। यह धातु दिखने में चांदी जैसी लगती है, लेकिन शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होती है और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कैडमियम के संपर्क या इसके धुएं से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसे पिघलाने की प्रक्रिया में निकलने वाला धुआं श्रमिकों के लिए भी खतरनाक होता है, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
सरकारी टकसाल में भेजे गए एक बैच में भी बड़े पैमाने पर मिलावट पाई गई। कुछ मामलों में 70 किलो सामग्री में सिर्फ 3 किलो ही असली चांदी निकली, बाकी हिस्सा मिलावटी था। इस तरह के आंकड़े पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं।
करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की मानी जा रही चांदी की जांच में असली मूल्य काफी कम निकला। इससे साफ है कि यह सिर्फ छोटे स्तर की गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चल रहा एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
नियमों के बावजूद क्यों नहीं रुकी मिलावट
भारतीय मानक ब्यूरो के नियमों के अनुसार कैडमियम जैसी धातु का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की मिलावट सामने आना चिंता बढ़ाता है। कई बार शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने की बात भी सामने आई है।
टकसाल और जांच एजेंसियों ने समय-समय पर मंदिर प्रशासन को जानकारी दी, लेकिन प्रभावी कदम न उठाए जाने से यह गड़बड़ी जारी रहने की आशंका जताई जा रही है। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भरोसे दोनों पर असर पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सतर्कता
वैष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले भक्तों के लिए यह मामला एक चेतावनी की तरह है। किसी भी प्रकार की चांदी या चढ़ावे की वस्तु खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल प्रमाणित दुकानों से ही खरीदारी की जाए और हर खरीद पर बिल जरूर लिया जाए। बिना जांच या भरोसे के आधार पर की गई खरीदारी से धोखे की संभावना बढ़ जाती है।








