वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की मतगणना में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पर बढ़त बना रखी है। प्रथम वरीयता के मतों की नौवें और अंतिम चक्र तक हुई गिनती में आशुतोष सिन्हा को 50,462 मत मिले हैं, जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 33,478 मत प्राप्त हुए हैं। इस तरह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सपा प्रत्याशी 16,984 मतों से आगे चल रहे हैं। हालांकि, अभी चुनाव का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ है और दूसरे वरीयता के मतों की गणना के बाद ही जीत हार की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वाराणसी के पहड़िया स्थित लाल बहादुर शास्त्री नवीन मंडी परिसर में मतगणना जारी रही। इस चुनाव की गिनती तीसरे दिन भी चलती रही, जिसके कारण प्रत्याशियों के समर्थकों और राजनीतिक दलों की निगाहें लगातार परिणाम पर टिकी रहीं। नौवें चक्र की गिनती पूरी होने तक आशुतोष सिन्हा की बढ़त पहले के मुकाबले और बढ़ गई। आठवें चक्र तक सपा प्रत्याशी को 47,450 मत मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह को 31,189 मत प्राप्त हुए थे। उस समय आशुतोष सिन्हा 16,261 मतों से आगे थे। नौवें चक्र के बाद उनकी बढ़त 16,984 मतों तक पहुंच गई।
मतगणना के दौरान प्रक्रिया को लेकर विवाद भी सामने आया। भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों ने एक चरण की गिनती पर आपत्ति जताई और मतगणना में अनियमितता होने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष तरीके से मतों की गिनती कराने की मांग उठाई। दूसरी ओर सपा समर्थक अपने प्रत्याशी की बढ़त को लेकर मतगणना केंद्र के आसपास मौजूद रहे। दोनों दलों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच निर्वाचन प्रक्रिया के आधिकारिक नतीजे का इंतजार किया जा रहा है।
प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद अब दूसरे वरीयता के मतों की गणना महत्वपूर्ण हो गई है। विधान परिषद के इस स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अंतिम नतीजा केवल प्रथम वरीयता के मतों के आधार पर घोषित नहीं हुआ है। इसलिए आशुतोष सिन्हा की मौजूदा बढ़त के बावजूद अंतिम परिणाम की पुष्टि के लिए दूसरी वरीयता के मतों की गणना और निर्वाचन अधिकारी की औपचारिक घोषणा जरूरी है। मतगणना पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वाराणसी खंड स्नातक सीट पर किस प्रत्याशी को निर्वाचित घोषित किया जाता है।










