VB-G RAM G पर पायलट का हमला, कहा- मनरेगा बदलना ग्रामीणों के खिलाफ कदम

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मनरेगा को VB-G RAM G से बदलना ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर हमला है। इसे उन्होंने ‘ऐतिहासिक गलती’ करार दिया।

सचिन पायलट ने मनरेगा बदलने का विरोध किया और कहा कि नई योजना VB-G RAM G ग्रामीण रोजगार और आजीविका के अवसरों को कमजोर करेगी। उन्होंने इसे गरीबों के हक के खिलाफ और ऐतिहासिक गलती बताया।

VB-G RAM G: कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण रोजगार कानून ‘मनरेगा’ को बदलने को लेकर कड़ा विरोध जताया। पायलट ने इसे ‘ऐतिहासिक गलती’ करार देते हुए कहा कि यह सबसे वंचित लोगों की आजीविका और रोजगार के अवसरों पर एक सुनियोजित हमला है। उन्होंने नई योजना 'विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' VB-G RAM G को मनरेगा का विकल्प बनाने की कोशिश बताया और कहा कि इससे ग्रामीण रोजगार योजना कमजोर होगी।

मनरेगा की प्रासंगिकता

सचिन पायलट ने बताया कि मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए वित्तीय सुरक्षा और रोजगार का एकमात्र भरोसेमंद नेटवर्क है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों के अधिकारों की रक्षा करती है और उन्हें काम का भरोसा देती है। पायलट के अनुसार, नई योजना के तहत यह नेटवर्क कमजोर हो जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर कम हो जाएंगे।

सरकार पर आरोप

पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को बिना राज्य सरकारों, हितधारकों और नागरिक संस्थाओं से चर्चा किए रद्द कर दिया। उन्होंने संसद का इस्तेमाल केवल बहुमत दिखाने के लिए और कानून को जबरदस्ती पारित कराने का तरीका बताया। उनका कहना था कि यह निर्णय बिना किसी सार्वजनिक विमर्श के लिया गया और गरीबों के हक को नजरअंदाज किया गया।

ऐतिहासिक गलती का तर्क

VB-G RAM G पर पायलट का हमला, कहा- मनरेगा बदलना ग्रामीणों के खिलाफ कदम

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी योजना का नाम बदलना और इसे पूरी तरह से खत्म करना ऐतिहासिक गलती है। उनका कहना था कि मनरेगा का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़ा हुआ था और इस योजना ने वर्षों से ग्रामीण भारत में रोजगार और वित्तीय सुरक्षा का काम किया। उन्होंने इसे खत्म करना ग्रामीण समुदाय के खिलाफ बड़ा कदम बताया।

राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

सचिन पायलट ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद से कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में फंसाकर राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है। पायलट ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और कांग्रेस नेताओं को निर्दोष साबित किया गया।

कर्नाटक यूनिट में भी स्थिति स्पष्ट

सचिन पायलट ने कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी कलह की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार पूरी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी हाई कमान के फैसले सभी को मंजूर होंगे और राज्य इकाई में कोई विभाजन नहीं है। पायलट ने कहा कि जब PCC अध्यक्ष शिवकुमार ने मुख्यमंत्री को अपना बड़ा भाई कहा और मुख्यमंत्री ने उन्हें छोटे भाई कहा, तो मामला वहीं खत्म हो गया।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पुराने स्थापित ढांचे जैसे मनरेगा की जगह नए प्रयोग कर गरीबों के हक को कम कर रही है। पायलट ने कहा कि बजट और संसाधनों का वितरण भी नई योजना में प्राथमिकता के बजाय नए प्रयोगों पर केंद्रित है। इसका सीधा असर ग्रामीण गरीबों और मजदूरों पर पड़ेगा।

ग्रामीण रोजगार पर VB-G RAM G का प्रभाव

सचिन पायलट का तर्क है कि VB-G RAM G नई योजना मनरेगा के समान रोजगार सुरक्षा और गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने बताया कि मनरेगा ने वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार और आजीविका के अवसर सुनिश्चित किए हैं। नई योजना से ग्रामीण समुदाय का भरोसा कम हो सकता है और वे रोजगार के लिए असुरक्षित महसूस करेंगे।

Leave a comment