Vedanta Debt Plan: अनिल अग्रवाल की कंपनी जुटाएगी $5.2 अरब, कर्ज कम करने की रणनीति

अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज $5.2 अरब जुटाने की योजना बना रही है ताकि महंगे कर्ज को कम किया जा सके। जानें कंपनी की फाइनेंशियल रणनीति।

मशहूर माइनिंग कारोबारी Anil Agarwal की कंपनी Vedanta Limited करीब 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 43,000 करोड़ रुपये) का बड़ा कर्ज जुटाने की तैयारी में है।

बिजनेस न्यूज़: माइनिंग और मेटल सेक्टर के बड़े कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड एक बड़े वित्तीय कदम की तैयारी में है। कंपनी लगभग $5.2 अरब (करीब ₹43,000 करोड़) का नया कर्ज जुटाने की योजना पर काम कर रही है। इस फंड का उद्देश्य मौजूदा महंगे कर्ज को चुकाना और कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करना बताया जा रहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब कंपनी अपने वित्तीय ढांचे को और स्थिर बनाने और भविष्य की ग्रोथ रणनीति के लिए तैयारी कर रही है।

कर्ज जुटाने के लिए बड़े वैश्विक बैंकों की मदद

रिपोर्ट्स के अनुसार, वेदांता रिसोर्सेज ने इस फंडिंग प्रक्रिया के लिए दुनिया के कई बड़े वित्तीय संस्थानों को शामिल किया है। इनमें बार्कलेज, सिटीग्रुप, ड्यूश बैंक और जेपी मॉर्गन जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं। यह पूरी डील बॉन्ड और लोन के मिश्रण के जरिए की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रांजैक्शन अभी प्रारंभिक चरण में है और इसकी शर्तों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पुराना कर्ज चुकाने पर फोकस

इस नई फंडिंग का बड़ा हिस्सा कंपनी के पुराने और महंगे कर्ज को रिफाइनेंस करने में इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग $3.6 अरब के बॉन्ड, जो 2028 से 2033 के बीच मैच्योर होंगे, करीब $1.6 अरब का लोन, जो 2028 के बाद देय है. इन देनदारियों को कम ब्याज दर वाले नए कर्ज से बदलने की योजना है, जिससे कंपनी की वित्तीय लागत घटेगी और कैश फ्लो बेहतर होगा।

Vedanta Debt Plan: अनिल अग्रवाल की कंपनी जुटाएगी .2 अरब, कर्ज कम करने की रणनीति

क्या है वेदांता की रणनीति?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम सिर्फ कर्ज जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अपने परिचालन और कॉर्पोरेट संरचना को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। वेदांता समूह भारत में अपनी सूचीबद्ध इकाई Vedanta Limited के तहत कई व्यवसायों को अलग-अलग इकाइयों में विभाजित करने (डीमर्जर) की प्रक्रिया में भी आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य हर व्यवसाय को अधिक फोकस्ड और स्वतंत्र रूप से विकसित करना है।

कंपनी के निवेशक प्रस्तुतिकरण के अनुसार, समूह का कुल कर्ज पिछले कुछ वर्षों में घटा है। 31 मार्च तक यह लगभग $4.9 अरब रह गया, जबकि पांच साल पहले यह करीब $8.9 अरब था। यह गिरावट दिखाती है कि वेदांता लगातार अपने कर्ज को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है। नए फंडिंग प्लान को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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