मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को दो-दो यूनिफॉर्म देने की घोषणा की और पोषण योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता व बच्चों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को काशी के रूद्राक्ष कनवेंशन सेंटर में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को अब दो-दो यूनिफॉर्म दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार पोषण योजनाओं में पारदर्शिता के साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन, बेहतर वातावरण और स्वास्थ्य निगरानी की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बदली व्यवस्था
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी और पोषाहार वितरण में भी अनियमितताओं की शिकायतें रहती थीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता के साथ व्यवस्था में सुधार किया, जिससे बच्चों तक पोषाहार पहुंचाना सुनिश्चित हुआ। अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को दो-दो यूनिफॉर्म देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से जर्जर 70 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का सुंदरीकरण कराया गया है। प्रत्येक केंद्र पर सरकार ने 30 लाख रुपये खर्च किए हैं।
THR के जरिए बच्चों तक पहुंच रहा पौष्टिक भोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में THR यानी टेक होम राशन के माध्यम से पोषित अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में 200 प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन महिला समूह कर रहे हैं। इन प्लांटों से तैयार भोजन की गुणवत्ता बेहतर तरीके से सुनिश्चित कर बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता की जांच केंद्र की संस्था भी करती है। पोषाहार ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग की जा रही है और सभी पैकेट पर QR कोड लगाए गए हैं। बच्चों को विविधता के साथ ऐसा भोजन उपलब्ध कराने पर जोर है, जिसे वे रुचि से खाएं।
1.56 करोड़ लाभार्थियों को मिल रहा पोषण योजना का लाभ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1.90 लाख आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनके माध्यम से 1.56 करोड़ लाभार्थियों को पोषण योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। करीब 35.46 लाख बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि 46 लाख बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही है। नियमित अंतराल पर बच्चों का वजन और लंबाई भी मापी जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन से ही स्वस्थ छात्र और स्वस्थ युवा तैयार होता है। देश की ताकत और भविष्य युवा हैं, इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर शुरुआत से ध्यान देना जरूरी है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर गर्भवती महिलाओं को 5,000 रुपये और दूसरी बेटी होने पर 6,000 रुपये की राशि दी जाने लगी है। उनका कहना था कि स्वस्थ मां से स्वस्थ बच्चे की शुरुआत होती है और यही बच्चा आगे अच्छी शिक्षा व संस्कार के साथ राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों की रेसिपी के लिए नई गाइडलाइन भी तय की गई है। बच्चों को गर्म भोजन के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
2100 पुराने स्कूलों का होगा कायाकल्प
सीएम योगी ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा की स्थिति में सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 साल से अधिक पुराने सभी सरकारी और वित्त पोषित कॉलेजों की सूची तैयार कर उनकी मरम्मत कराई जाएगी। ऐसे करीब 2100 स्कूलों के कायाकल्प की योजना है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और ऑपरेशन अलंकार के जरिए स्कूलों की स्थिति बेहतर की गई है। प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक बच्चों को अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स लैब और स्मार्ट क्लास के जरिए नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है। छात्रों को स्किल डेवलपमेंट की शिक्षा भी दी जा रही है, ताकि वे रोजगार से जुड़ सकें।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का जिक्र
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले मानदेय को लेकर कार्यकर्ता आंदोलन करते थे और वह स्वयं एक आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया है।
सहायिकाओं का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5 लाख रुपये का बीमा और स्मार्टफोन भी दिए जा रहे हैं।
नए केंद्रों में पोषण वाटिका और स्मार्ट क्लास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए बनाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित की जा रही है। केंद्रों को LED और स्मार्ट क्लास की सुविधा से भी जोड़ा जा रहा है। यहां बच्चों को भोजन के साथ प्री-प्राइमरी शिक्षा भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपोषित बचपन ही समर्थ भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकता है। सरकार का लक्ष्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और शुरुआती विकास को एक साथ मजबूत करना है।










