स्वयंभू बाबा अशोक खरात केस में अश्लील वीडियो, फर्जी बैंक खातों और गवाह जितेंद्र शेलके की मौत ने नया मोड़ ला दिया है। SIT और ED मामले की जांच कर रही हैं, जबकि खरात ने अपने कृत्यों को दैवीय शक्तियों से जुड़ा बताया है।
नासिक: महाराष्ट्र में स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़ा मामला अब देश के सबसे चर्चित सेक्स स्कैंडल, आर्थिक धोखाधड़ी और राजनीतिक कनेक्शन वाले मामलों में बदल चुका है। 58 कथित अश्लील वीडियो, करीब 150 पीड़ित महिलाओं के आरोप, 1500 करोड़ रुपए की संपत्ति, 100 संदिग्ध बैंक खाते और एक अहम गवाह की रहस्यमयी सड़क दुर्घटना में मौत ने इस केस को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है।
फिलहाल अशोक खरात जेल में है और मामले की जांच पुलिस, विशेष जांच दल (SIT) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) मिलकर कर रहे हैं। इस केस ने महाराष्ट्र की राजनीति, धार्मिक अंधविश्वास और वित्तीय अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अशोक खरात कौन है?
अशोक खरात खुद को आध्यात्मिक गुरु और दैवीय शक्तियों वाला व्यक्ति बताता था। महाराष्ट्र के कई इलाकों में उसके अनुयायी थे। आरोप है कि वह लोगों की व्यक्तिगत समस्याओं, बीमारी, पारिवारिक संकट और ज्योतिषीय समाधान के नाम पर महिलाओं और परिवारों को अपने प्रभाव में लेता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, खरात ने वर्षों तक अपने प्रभाव और राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल कर बड़ा नेटवर्क खड़ा किया।
- 58 वीडियो और महिलाओं के शोषण के आरोप
- इस मामले में अब तक 13 केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें:
- 8 मामले यौन उत्पीड़न और सेक्शुअल हैरेसमेंट से जुड़े हैं
- 4 मामले आर्थिक धोखाधड़ी के हैं
1 मामला मनी लॉन्ड्रिंग का है, जिसे ED ने दर्ज किया है
17 मार्च को खरात के खिलाफ पहली रेप FIR दर्ज हुई थी और अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
SIT सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में खरात ने दावा किया कि उसने महिलाओं के साथ “सहमति” से संबंध बनाए थे। उसने यह भी कहा कि वह “दैवीय शक्तियों” के प्रभाव में रहता था।
हालांकि जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सहमति नहीं बल्कि मानसिक और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग था। पुलिस को शक है कि महिलाओं को नशीले पदार्थ या दवाएं देकर उनका शोषण किया जाता था।
सूत्रों के अनुसार, खरात पूछताछ में लगातार यह कहता रहा कि जब वह “समाधि” जैसी स्थिति में होता था, तब उसे अपने कार्यों का एहसास नहीं रहता था।
1500 करोड़ की संपत्ति और फर्जी खातों का जाल
इस केस का सबसे बड़ा पहलू कथित आर्थिक साम्राज्य है। ED की जांच में कई चौंकाने वाले वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार:
- 56 अनुयायियों के नाम पर करीब 100 बैंक खाते खोले गए
- इन खातों में लगभग 70 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ
- सभी खातों में नॉमिनी के रूप में अशोक खरात का मोबाइल नंबर दर्ज था
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कई खाताधारकों ने दावा किया कि उन्हें पता ही नहीं था कि उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए हैं।
ED अब नासिक, पुणे और मुंबई में खरात से जुड़ी संपत्तियों की जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, उसकी कुल संपत्ति 1500 करोड़ रुपए तक हो सकती है।
अहम गवाह जितेंद्र शेलके की मौत पर उठे सवाल
इस मामले ने नया मोड़ तब लिया जब अशोक खरात के करीबी सहयोगी और अहम गवाह जितेंद्र शेलके की सड़क हादसे में मौत हो गई।
55 वर्षीय जितेंद्र शेलके खरात के शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष थे और कथित जमीन सौदों तथा वित्तीय लेन-देन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही थी।
17 अप्रैल को शेलके अपने परिवार के साथ छत्रपति संभाजीनगर से शिरडी जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में उनकी मौत हो गई।
गौर करने वाली बात यह है कि हादसे से महज तीन दिन पहले ED ने उनसे पूछताछ की थी।
सोशल एक्टिविस्ट ने जताया संदेह
सोशल एक्टिविस्ट अंजलि दमानिया ने इस हादसे को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि शेलके इस पूरे नेटवर्क की अंदरूनी जानकारी रखते थे।
दमानिया के मुताबिक:
- हादसे वाली सड़क लगभग खाली थी
- कार सड़क के बिल्कुल बाईं ओर सीधी ट्रक में घुसी
- सामान्य दुर्घटनाओं में वाहन मुड़ता है, लेकिन यहां सीधा टकराव हुआ
उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ राजनीतिक नेताओं पर खरात को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं।
परिवार ने साजिश से किया इनकार
हालांकि जितेंद्र शेलके के परिवार ने किसी भी साजिश की संभावना से इनकार किया है।

उनके भाई महेंद्र शेलके ने कहा कि:
- परिवार को किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका नहीं है
- न तो कोई दबाव है और न किसी ने धमकी दी
- यह एक सामान्य सड़क दुर्घटना थी
फिलहाल पुलिस ने क्रैश फॉरेंसिक एनालिसिस कराया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
छिपे कैमरे से खुला कथित राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब खरात के पूर्व ऑफिस असिस्टेंट नीरज जाधव ने कथित तौर पर ऑफिस में हिडन कैमरा लगाया।
नीरज का दावा है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी को धार्मिक आशीर्वाद के लिए खरात के पास ले गया था, जहां कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की गई।
इसके बाद उसने दोस्त की मदद से गुप्त कैमरा लगाकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की।
SIT अब नीरज जाधव की भूमिका की भी जांच कर रही है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वह इस केस का प्रमुख गवाह बन सकता है।
राजनीतिक कनेक्शन भी जांच के घेरे में
इस मामले में कई राजनीतिक कनेक्शन भी सामने आए हैं। विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के कुछ प्रभावशाली नेता खरात के संपर्क में थे।
SIT ने कुछ राजनीतिक सहयोगियों और कथित करीबी लोगों से पूछताछ भी की है। हालांकि संबंधित नेताओं ने किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
इस पूरे विवाद ने राज्य में धर्म, राजनीति और प्रभावशाली नेटवर्क के गठजोड़ पर नई बहस छेड़ दी है।
अदालत में क्या हुआ?
9 मई को अशोक खरात को शिरडी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ED ने भी अदालत से हिरासत की मांग की है ताकि वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की गहराई से जांच की जा सके।
महाराष्ट्र में बढ़ी चिंता
यह मामला सिर्फ एक कथित बाबा का नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता का भी प्रतीक बन गया है जहां लोग अंधविश्वास, चमत्कार और धार्मिक प्रभाव के नाम पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं।
महिला सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और राजनीतिक संरक्षण जैसे कई गंभीर सवाल अब जांच एजेंसियों और सरकार के सामने हैं।
आने वाले दिनों में ED और SIT की जांच से इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।











