बरौली में चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। दलवीर और जयवीर खेमों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर एक दूसरे को निशाना बनाया जा रहा है। इसी क्रम में अजय सिंह की ओर से कथित तौर पर ‘फ्रॉडवीर’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। इस टिप्पणी को लेकर संबंधित खेमे के समर्थकों ने भी जवाब दिया और सोशल मीडिया पर पलटवार किया। चुनाव से पहले शुरू हुई इस बयानबाजी ने स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।
बताया जा रहा है कि दोनों खेमों के बीच मतभेद पहले से चल रहे हैं और अब चुनाव नजदीक आने के साथ आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों के जरिए एक दूसरे की छवि पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अजय सिंह की टिप्पणी के बाद समर्थकों के बीच भी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के समर्थक अपने अपने नेताओं का बचाव करते हुए विरोधी खेमे पर निशाना साध रहे हैं। इस तरह स्थानीय चुनावी मुकाबला अब केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहकर ऑनलाइन बयानबाजी का विषय भी बन गया है।
चुनाव से पहले इस तरह की टिप्पणियों का असर स्थानीय माहौल पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सोशल मीडिया आज स्थानीय चुनावों में भी प्रचार और जनसंपर्क का अहम माध्यम बन गया है। उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की पोस्ट तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं और कई बार विवाद का रूप ले लेती हैं। ऐसे में सार्वजनिक बयान देते समय भाषा और तथ्यों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
फिलहाल इस विवाद में दोनों खेमों की ओर से की गई टिप्पणियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि बयानबाजी के बाद किसी पक्ष ने पुलिस या निर्वाचन अधिकारियों से औपचारिक शिकायत की है या नहीं। चुनाव से पहले दलवीर और जयवीर खेमों के बीच जारी यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।









