आज 14 फरवरी 2025 को पुलवामा आतंकी हमले को 6 साल पूरे हो गए हैं। 14 फरवरी 2019 को हुए इस कायराना हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। यह हमला आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आने वाली चुनौतियों की कड़वी सच्चाई को उजागर करता हैं।
कैसे हुआ था पुलवामा हमला?
* जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के 78 वाहनों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर बढ़ रहा था।
* काफिले में 2,500 से अधिक जवान मौजूद थे, जो अपनी तैनाती के स्थान पर जा रहे थे।
* दोपहर करीब 3:15 बजे, आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने 350 किलो IED से भरी गाड़ी सीआरपीएफ की बस से टकरा दी।
* धमाका इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और 40 जवानों ने मौके पर ही शहादत प्राप्त की।
आतंकी संगठन और जवाबी कार्रवाई
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* इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
* भारत ने 26 फरवरी 2019 को "ऑपरेशन बालाकोट" के तहत पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया।
* इस कार्रवाई में 300 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबरें सामने आईं।
भारत की प्रतिक्रिया
* सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया।
* पुलवामा हमले के बाद भारत ने सख्त आतंकवाद विरोधी नीतियां अपनाईं और सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ खुली छूट दी गई।
* अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन को लेकर अलग-थलग करने की कोशिशें तेज हुईं।
पुलवामा के अमर शहीदों को नमन
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आज हम उन 40 वीर सपूतों को नमन करते हैं जिन्होंने 14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी बहादुरी, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भारत कभी नहीं भूलेगा।
* "देश के लिए जीने और मरने वालों का नाम कभी मिटता नहीं, वो अमर होते हैं।"
* "जो राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दें, वे कभी भुलाए नहीं जाते।"
* "एक सैनिक का बलिदान सिर्फ उसका नहीं होता, बल्कि पूरे राष्ट्र का होता है।"
* "शहीदों की कुर्बानी कभी बेकार नहीं जाती, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा होती है।"
* "हर हिंदुस्तानी की रगों में शहीदों का लहू बहता है, उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।"
* "देश के वीर सपूतों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, आतंक के खिलाफ हर भारतीय एकजुट है।"
* "शहीदों का सपना साकार होगा, जब हम एक आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत बनाएंगे।"
* "पुलवामा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि हमारी एकजुटता और साहस की परीक्षा थी।"
* "जो अपने प्राणों को न्यौछावर कर गए, उनके बलिदान को हर पीढ़ी याद रखेगी।"
* "राष्ट्र की रक्षा के लिए जो शहीद हुए, वो सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल हैं।"
* "भारत माता के वीर सपूतों को शत-शत नमन, उनका बलिदान हमेशा याद रहेगा।"
* "जिन्होंने हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान दी, हम उनके ऋणी रहेंगे।"
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* "वीरों की कुर्बानी से ही भारत का मान और स्वाभिमान बना हुआ है।"
* "हम पुलवामा हमले में शहीद जवानों को भूल नहीं सकते, न कभी भूलेंगे।"
* "उनकी शहादत से हर भारतवासी का हृदय गर्व से भर जाता है।"
* "पुलवामा हमले के शहीदों का बलिदान हमें हर दिन याद दिलाता है कि हम एकजुट रहें।"
* "देश की आन, बान और शान की रक्षा करने वाले वीरों को शत-शत नमन।"
* "उनकी शहादत ने हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की नई शक्ति दी है।"
* "पुलवामा का दर्द भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन इसकी प्रेरणा हमें और मजबूत बनाती है।"
* "भारत माता के इन वीर सपूतों को सलाम, जो हमारे कल के लिए आज कुर्बान हो गए।"











