चंडीगढ़ में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के कर्मचारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 25.80 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। विदेशी नंबरों से संपर्क कर टेलीग्राम के जरिए निवेश कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चंडीगढ़: ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने एक एमएनसी कर्मचारी से 25.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपितों ने विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क कर खुद को ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया और टेलीग्राम के माध्यम से निवेश करवाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विदेशी नंबर से संपर्क कर बनाया भरोसा
चंडीगढ़ में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) के कर्मचारी से 25.80 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने खुद को ग्लोबल प्राइम सीएस नामक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पहले पीड़ित का भरोसा जीता और फिर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए।
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पीड़ित ने जब निवेश की गई रकम और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की तो आरोपितों ने संपर्क बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
टेलीग्राम के जरिए कराया गया निवेश
साइबर थाना सेक्टर-17 पुलिस को दी गई शिकायत में सेक्टर-43 निवासी 37 वर्षीय पार्थ शाही ने बताया कि वह मोहाली के सेक्टर-66 स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 30 और 31 जनवरी 2026 को उन्हें एक विदेशी मोबाइल नंबर से कॉल आई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया।
शुरुआत में उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, लेकिन 9 फरवरी को दोबारा संपर्क करने पर ठगों ने उन्हें अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ऐप पर जोड़ा गया और कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए निर्देश दिए गए।
दो महीने में 25.80 लाख रुपये किए ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार, 9 फरवरी से 29 मार्च 2026 के बीच पार्थ शाही ने अलग-अलग तिथियों में आरबीएल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में कुल 25.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए। हर बार आरोपित निवेश पर बेहतर रिटर्न और अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाते रहे, जिससे पीड़ित लगातार रकम जमा करता गया।
कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने निवेश और लाभ की राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपित टालमटोल करने लगे। बाद में उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और टेलीग्राम पर भी कोई जवाब नहीं दिया।
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना सेक्टर-17 में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम चैट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के निवेश संबंधी दावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। विशेष रूप से विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल, टेलीग्राम या अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए दिए जाने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।










