दरभंगा में गुरुवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पदयात्रा में जिले के सभी दस विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान के धरना स्थल से शुरू हुए इस कार्यक्रम को लेकर शहर में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे कार्यकर्ताओं के कारण कार्यक्रम स्थल पर काफी चहल-पहल देखने को मिली।
NDA की इस पदयात्रा का उद्देश्य 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के जरिए गठबंधन का राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में भाजपा और जदयू के साथ NDA के अन्य घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। आयोजन के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। पोलो मैदान में मंच और पंडाल बनाए गए थे। कार्यकर्ताओं की भागीदारी को व्यवस्थित करने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। आयोजकों ने करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा था।
पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है। वर्ष 1950 से अब तक आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जा चुका है और इस बार नौवीं बार यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उनके मुताबिक मतदाता सूची को दुरुस्त रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ऐसी प्रक्रिया का महत्व है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर यह भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए कि देश में पहली बार ऐसा किया जा रहा है।
भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि NDA के नेताओं ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। मिथिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मां जानकी की धरती है और बिहार को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। ऐसे में दरभंगा से लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देना महत्वपूर्ण है।
पदयात्रा में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा की मौजूदगी भी खास रही। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, दरभंगा के सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर और NDA के कई अन्य जनप्रतिनिधि तथा पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। गठबंधन के अलग-अलग दलों के नेताओं की एक साथ मौजूदगी को संगठनात्मक एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के दौरान निर्धारित नारे के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
इस आयोजन की तैयारियों के लिए स्थानीय सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर को कार्यक्रम का समन्वयक बनाया गया था। उन्होंने इससे पहले पोलो मैदान पहुंचकर मंच, पंडाल, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। कार्यकर्ताओं के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, ताकि दस विधानसभा क्षेत्रों से आने वाले लोगों का पंजीकरण व्यवस्थित तरीके से हो सके। बड़े और छोटे वाहनों से पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई थी। आयोजकों ने निर्देश दिया था कि पदयात्रा के दौरान आम लोगों और कारोबारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पदयात्रा को लेकर भाजपा और जदयू के स्थानीय नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं के बीच जनसंपर्क अभियान चलाया था। विभिन्न बैठकों में कार्यक्रम की सफलता, अधिक से अधिक भागीदारी और संगठनात्मक समन्वय पर चर्चा की गई थी। पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। जदयू कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की थी। इसके बाद गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता दरभंगा पहुंचे।
दरभंगा में आयोजित यह पदयात्रा बिहार में NDA की ओर से अलग-अलग जिलों में चलाए जा रहे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का हिस्सा है। इससे पहले पटना में भी इस नारे के साथ पदयात्रा निकाली गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेता शामिल हुए थे। दरभंगा के कार्यक्रम में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी के साथ गठबंधन ने मिथिलांचल में अपनी राजनीतिक सक्रियता का प्रदर्शन किया










