गोरखपुर शिक्षक MLC चुनाव में ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त घटकर 224 वोट पर पहुंची 10 हजार मतपत्रों की गिनती बाकी

गोरखपुर फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त घटकर 224 वोट रह गई। करीब 10 हजार मतपत्रों की गिनती बाकी होने से मुकाबला जारी है।
गोरखपुर शिक्षक MLC चुनाव में ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त घटकर 224 वोट पर पहुंची 10 हजार मतपत्रों की गिनती बाकी
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव की मतगणना में मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की बढ़त घटकर 224 वोट रह जाने की खबर सामने आई है। मतगणना के इस चरण में करीब 10 हजार मतपत्रों की गिनती बाकी बताई गई है। ऐसे में अंतिम परिणाम को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें मतगणना के अगले दौर पर टिकी हुई हैं। पहले वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गणना की जा रही है। इसी प्रक्रिया में प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर बदल रहा है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में मतगणना कराई जा रही है। इस चुनाव में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीच प्रमुख मुकाबला देखने को मिला है। शुरुआती दौर में भाजपा प्रत्याशी आगे रहे, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने बढ़त बना ली थी। तीसरे राउंड की गिनती पूरी होने पर राजीव यादव को 11,287 वोट मिले थे, जबकि ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 10,911 मत प्राप्त हुए थे। इस समय राजीव यादव 376 मतों से आगे चल रहे थे और सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी तीसरे स्थान पर थे।

पहली वरीयता के चौथे और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद स्थिति फिर बदल गई। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को कुल 11,881 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 11,415 वोट प्राप्त हुए। इस तरह प्रथम वरीयता की गणना में ध्रुव त्रिपाठी 466 मतों से आगे निकल गए। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,301 मत मिले। किसी उम्मीदवार को निर्धारित बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्वाचन नियमों के अनुसार दूसरी वरीयता के मतों की गणना शुरू की गई। इसके बाद मतों के हस्तांतरण के साथ मुकाबले का अंतर घटने लगा।

दूसरी वरीयता की गिनती में उन प्रत्याशियों के मतपत्रों को निर्धारित नियमों के तहत शामिल किया जा रहा है जो आगे की प्रक्रिया में बाहर हो जाते हैं। उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के आधार पर मतों का हस्तांतरण होता है। इसी कारण पहली वरीयता में बनी बढ़त दूसरी वरीयता की गणना के दौरान कम या ज्यादा हो सकती है। ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त घटकर 224 वोट रहने की जानकारी ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है। हालांकि, शेष मतपत्रों की गणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने तक किसी भी प्रत्याशी की जीत को अंतिम नहीं माना जा सकता।

मतगणना के दौरान विवाद भी सामने आया। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। दोनों पक्षों की ओर से कुछ चरणों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए और विरोध जताया गया। वहीं प्रशासन की ओर से मतगणना नियमानुसार कराए जाने की बात कही गई। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही हो सकती है। विवाद के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और मतगणना जारी रखने पर भी ध्यान दिया गया।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में कुल 43,553 मतों की गणना होनी है। मतपत्रों की छंटाई, बंडल बनाने और वरीयता के अनुसार गणना की प्रक्रिया के कारण परिणाम आने में समय लग रहा है। इस चुनाव में पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच बेहद कम अंतर देखने को मिला था। इसके बाद अलग-अलग चरणों में बढ़त बदलती रही। अब दूसरी वरीयता की गणना में ध्रुव त्रिपाठी का अंतर घटने के बाद सभी की निगाहें शेष मतपत्रों पर टिकी हैं। अंतिम फैसला निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

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