हमीरपुर में रेबीज से मौत की आशंका, कुत्ते के काटने के दो माह बाद बिगड़ी तबीयत

हमीरपुर में कुत्ते के काटने के दो माह बाद एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हुई। रेबीज संक्रमण की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि दो महीने पहले कुत्ते के काटने के बाद रेबीज संक्रमण के कारण उसकी जान गई। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।

Hamirpur: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक व्यक्ति की मौत के बाद रेबीज संक्रमण की आशंका ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। मृतक को करीब दो महीने पहले कुत्ते ने काटा था। बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है और संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।

कुत्ते के काटने के दो महीने बाद बिगड़ी तबीयत

हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल के भलूं गांव में रहने वाले एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मृतक मूल रूप से जम्मू का रहने वाला था और लंबे समय से क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक उसे करीब दो महीने पहले एक संदिग्ध कुत्ते ने काट लिया था।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में उसने उपचार जरूर शुरू कराया, लेकिन चिकित्सकों द्वारा बताए गए पूरे टीकाकरण कोर्स को पूरा नहीं किया। इसके बाद वह सामान्य जीवन व्यतीत करता रहा। हालांकि कुछ दिन पहले उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी और उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई।

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

साथ में रहने वाले मजदूरों ने बताया कि मृतक का व्यवहार अचानक असामान्य हो गया था। उसकी हालत चिंताजनक होने पर उसे तुरंत नादौन अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया।

टांडा पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि मौत रेबीज संक्रमण के कारण ही हुई है। विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

गांव में बढ़ी चिंता, लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई बार लोगों को इनके हमलों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

इसके अलावा मृतक के साथ काम करने वाले कुछ मजदूर अपने घर लौट चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि वे हाल के दिनों में मृतक के निकट संपर्क में रहे हों तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें।

विशेषज्ञों ने भी लोगों को जागरूक करते हुए कहा है कि किसी भी पशु, विशेषकर कुत्ते, बंदर या अन्य स्तनधारी जानवर के काटने की स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोना चाहिए तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करना चाहिए।

समय पर इलाज से बच सकती है जान

चिकित्सकों के अनुसार रेबीज एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यदि कुत्ते या अन्य संक्रमित जानवर के काटने के तुरंत बाद सही उपचार और टीकाकरण कराया जाए तो संक्रमण को रोका जा सकता है। वहीं लक्षण विकसित होने के बाद स्थिति गंभीर हो सकती है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि व्यक्ति की मौत का वास्तविक कारण क्या था। तब तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों लोगों से सतर्क रहने और किसी भी पशु के काटने पर तुरंत इलाज कराने की अपील कर रहे हैं।

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