हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट फेरबदल और विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है। दिल्ली पहुंचे मंत्रियों को राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिला। अब नए मंत्रियों के चयन और बदलाव पर कांग्रेस हाईकमान का फैसला अहम होगा।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट फेरबदल और विस्तार की चर्चाओं के बीच दिल्ली पहुंचे राज्य के मंत्री अब शिमला लौट रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के लिए समय नहीं मिलने के बाद मंत्रियों की दिल्ली यात्रा फिलहाल बिना किसी अंतिम निर्णय के खत्म हुई है। शुक्रवार को शिमला में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक के बीच अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर दिल्ली में चल रही थी चर्चा
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट फेरबदल और संभावित विस्तार को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी सिलसिले में राज्य सरकार के कई मंत्री दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
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मंत्रियों के दिल्ली दौरे को कैबिनेट में संभावित बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा था। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री और प्रदेश के मंत्री पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने सरकार के कामकाज और राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी रखेंगे। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिल सका।
राहुल गांधी से बैठक नहीं होने के बाद मंत्री अब शिमला लौट रहे हैं। शुक्रवार को राजधानी शिमला में कैबिनेट बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में मंत्रियों की वापसी के बाद प्रदेश सरकार के स्तर पर आगे की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
वेणुगोपाल ने लिया सरकार का फीडबैक
दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने हिमाचल प्रदेश सरकार से जुड़ा फीडबैक लिया। सरकार के कामकाज, संगठन और मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर जानकारी जुटाई गई।
कैबिनेट फेरबदल और विस्तार को लेकर कांग्रेस हाईकमान की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए मंत्रियों को शामिल करने से लेकर मौजूदा मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव तक, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रदेश में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि कैबिनेट में किन नए चेहरों को जगह मिल सकती है और किन नेताओं को सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कांग्रेस की ओर से कोई अंतिम सूची या आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी से मुलाकात नहीं होने से बढ़ा सस्पेंस
मंत्रियों की दिल्ली यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ बैठक नहीं होने से कैबिनेट फेरबदल को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अंतिम निर्णय नहीं आने के कारण संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
मंत्रियों की शिमला वापसी के बाद अब शुक्रवार की कैबिनेट बैठक पर नजर रहेगी। बैठक में सरकार के नियमित कामकाज से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी है। साथ ही, पार्टी नेतृत्व के स्तर पर चल रही गतिविधियों के बीच कैबिनेट में संभावित बदलाव को लेकर भी राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है।
हाईकमान के फैसले के बाद साफ होगी स्थिति
हिमाचल सरकार में कैबिनेट फेरबदल या विस्तार को लेकर फिलहाल कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं हुआ है। दिल्ली दौरे के बाद मंत्री शिमला लौट रहे हैं और अब आगे की रणनीति प्रदेश स्तर पर तय होने की उम्मीद है।
नए मंत्रियों के चयन, मौजूदा मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव और कैबिनेट के विस्तार को लेकर कांग्रेस हाईकमान का फैसला सबसे अहम रहेगा। राहुल गांधी से मुलाकात का समय नहीं मिलने के बाद अब पार्टी नेतृत्व की अगली बैठक और निर्णय का इंतजार है। शुक्रवार की कैबिनेट बैठक और इसके बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियों से तस्वीर कुछ और स्पष्ट हो सकती है।









