केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में एनएच-505ए और एनएच-5 के 180 किलोमीटर हिस्से के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी बीआरओ को सौंप दी है। इस परियोजना से सीमा क्षेत्र, पर्यटन और बागवानी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रिकांगपिओ: किन्नौर हाईवे परियोजना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पोवारी से कल्पा तक प्रस्तावित एनएच-505ए और भारत-तिब्बत सीमा तक एनएच-5 के हिस्से के विकास व रखरखाव की जिम्मेदारी अब सीमा सड़क संगठन (BRO) संभालेगा। इससे क्षेत्र में सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
BRO को मिली 180 किलोमीटर सड़क परियोजना की जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क परियोजना सीमा सड़क संगठन (BRO) को सौंप दी है। 31 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, एनएच-505ए और एनएच-5 के करीब 180 किलोमीटर लंबे मार्ग के विकास, उन्नयन और रखरखाव की जिम्मेदारी अब BRO के पास होगी।
इस परियोजना में एनएच-5 का सुरू-पोवारी-चिनी-शिपकी ला (भारत-तिब्बत सीमा) तक का हिस्सा और नया एनएच-505ए, जो पोवारी से रिकांगपिओ होते हुए कल्पा तक जाएगा, शामिल है।
रिकांगपिओ और कल्पा को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
अधिसूचना के अनुसार नया राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-505ए पोवारी में एनएच-5 से जुड़ेगा और रिकांगपिओ होते हुए कल्पा तक पहुंचेगा। सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
इस मार्ग के विकसित होने से किन्नौर के दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
पर्यटन, बागवानी और आपदा प्रबंधन को मिलेगा लाभ
स्थानीय लोगों का मानना है कि BRO के अधीन आने के बाद सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों में तेजी आएगी। विशेष रूप से भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सड़क बहाली का काम पहले से अधिक तेज़ी से हो सकेगा।
बेहतर सड़क संपर्क से किन्नौर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सेब और अन्य बागवानी उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे किसानों को भी लाभ मिलने की संभावना है। सीमा क्षेत्र में सैन्य और नागरिक आवाजाही भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
स्थानीय स्तर पर फैसले का स्वागत
इस निर्णय का स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह परियोजना किन्नौर के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी और लंबे समय से बेहतर सड़क सुविधाओं की मांग को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा क्षेत्र में मजबूत सड़क नेटवर्क न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। BRO के अनुभव और तकनीकी क्षमता से परियोजना के कार्यों में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।










