प्रयागराज-उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अफसरशाही को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बार केंद्र में हैं अजयपाल, जिनकी पोस्टिंग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अजयपाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिकारी भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
हालांकि, इस पूरे विवाद में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि अजयपाल को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान भी महत्वपूर्ण पोस्टिंग मिल चुकी है। बताया जा रहा है कि उस समय उन्हें दो जिलों का एसपी भी बनाया गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। एक तरफ जहां सपा भाजपा पर निशाना साध रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा भी इस मुद्दे को लेकर पलटवार कर सकती है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा मान रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर आरोप के रूप में देख रहे हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अफसरों की पोस्टिंग और कार्यप्रणाली पर राजनीति का असर पड़ता है। साथ ही यह भी चर्चा हो रही है कि









