अजमेर में पार्षद चुनाव लड़ रहे भाजपा और कांग्रेस के 156 उम्मीदवारों में 21 करोड़पति हैं। भाजपा के 17 और कांग्रेस के 4 प्रत्याशियों ने करोड़ों की संपत्ति घोषित की है। भाजपा की मोनिका जैन 16.03 करोड़ रुपए के साथ सबसे अमीर हैं।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर में नगर निकाय चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषित संपत्ति चर्चा में है। उपलब्ध नामांकन विवरण के अनुसार, दोनों दलों के कुल 156 उम्मीदवारों में 21 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इनमें भाजपा के 17 और कांग्रेस के 4 उम्मीदवार शामिल हैं। दोनों दलों में सबसे अधिक संपत्ति भाजपा उम्मीदवार मोनिका जैन के पास है। उन्होंने कुल 16.03 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति घोषित की है।
मोनिका जैन पहले कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं और उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और अब वार्ड 4 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं।
मोनिका जैन के पास 16 करोड़ से अधिक की संपत्ति
नामांकन पत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक, वार्ड 4 से भाजपा की उम्मीदवार मोनिका जैन के पास कुल 16.03 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें 99 लाख 46 हजार 465 रुपए की चल संपत्ति और करीब 15 करोड़ 4 लाख रुपए की अचल संपत्ति शामिल है।
इस संपत्ति के साथ मोनिका जैन भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के उम्मीदवारों में सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। उनका राजनीतिक सफर भी इस चुनाव में खास चर्चा का विषय है, क्योंकि उन्होंने पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस बार वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार ने घोषित की शून्य संपत्ति
जहां एक ओर कुछ उम्मीदवारों ने करोड़ों रुपए की संपत्ति घोषित की है, वहीं कांग्रेस के एक प्रत्याशी ने अपनी कुल संपत्ति शून्य बताई है।
वार्ड 73 से कांग्रेस उम्मीदवार पुष्पेंद्र ओझा के नामांकन पत्र के मुताबिक उनके पास न तो चल संपत्ति है और न ही अचल संपत्ति। उनके बैंक खाते में भी कोई राशि नहीं बताई गई है।
इस तरह पुष्पेंद्र ओझा इस सूची में सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार हैं। उनके शून्य संपत्ति के विवरण ने चुनावी नामांकन में दर्ज आर्थिक जानकारी को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
अजमेर के 5 सबसे अमीर उम्मीदवार
उपलब्ध नामांकन विवरण के अनुसार, अजमेर में भाजपा और कांग्रेस के सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले पांच उम्मीदवारों में तीन भाजपा और दो कांग्रेस प्रत्याशी शामिल हैं।
- उम्मीदवार वार्ड पार्टी कुल संपत्ति
- मोनिका जैन 4 भाजपा 16.03 करोड़
- किरण गढ़वाल 57 कांग्रेस 11.59 करोड़
- सोनिया जैन 74 भाजपा 6.66 करोड़
- मधु शेखावत 59 भाजपा 6.56 करोड़
- ऋषि बंशीवाल 45 कांग्रेस 4.92 करोड़
मोनिका जैन के बाद कांग्रेस की किरण गढ़वाल सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाली उम्मीदवार हैं। उनके पास कुल 11.59 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है।
भाजपा की सोनिया जैन के पास 6.66 करोड़ रुपए और मधु शेखावत के पास 6.56 करोड़ रुपए की संपत्ति है। कांग्रेस के ऋषि बंशीवाल की कुल घोषित संपत्ति 4.92 करोड़ रुपए है।
सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवार
नामांकन विवरण में कुछ उम्मीदवारों ने बहुत कम संपत्ति घोषित की है। सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों की सूची में कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशी शामिल हैं।
- पुष्पेंद्र ओझा, वार्ड 73, कांग्रेस — 0 रुपए
- कौशल चित्तौड़िया, वार्ड 49, कांग्रेस — 70 हजार रुपए
- मोहित चौहान, वार्ड 26, भाजपा — 72 हजार रुपए
- शहजाद, वार्ड 14, भाजपा — 80 हजार रुपए
- वाहिदी चिश्ती, वार्ड 14, कांग्रेस — 1.10 लाख रुपए
इन आंकड़ों से पता चलता है कि चुनाव मैदान में शामिल उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति में काफी अंतर है। जहां कुछ प्रत्याशियों के पास करोड़ों की संपत्ति है, वहीं कुछ उम्मीदवारों ने एक लाख रुपए से भी कम संपत्ति घोषित की है।
भाजपा के कई उम्मीदवार करोड़पति
अजमेर में भाजपा के 17 उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपए से अधिक की कुल संपत्ति घोषित की है। इनमें सबसे ऊपर मोनिका जैन हैं। उनके अलावा वार्ड 76 के सतीश बंसल के पास 4.22 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है।
वार्ड 75 के रमेश चेनानी ने 3.24 करोड़ रुपए और वार्ड 1 के विनोद डीडवानिया ने 3.16 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्ड 77 के दौलते खेमानी के पास 3.03 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति बताई गई है।
अन्य करोड़पति भाजपा उम्मीदवारों में वार्ड 68 के अनीष मोयल की 2.79 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है। वार्ड 9 के अनिल नरवाल के पास 1.97 करोड़ रुपए, वार्ड 13 के राजू साहू के पास 1.84 करोड़ रुपए और वार्ड 66 के अजय नरूका के पास 1.27 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है।
वार्ड 79 के कुमार लालवानी ने 1.15 करोड़ रुपए और वार्ड 16 की तरुणा गोयल ने 1.13 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्ड 2 की रितू मामनानी के पास भी 1.13 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति है।
इसके अलावा वार्ड 78 की भारती श्रीवास्तव के पास 1.08 करोड़ रुपए, वार्ड 55 के गौरव जैन के पास 1.09 करोड़ रुपए और वार्ड 56 के रजनीश चौहान के पास 1.02 करोड़ रुपए की संपत्ति है।
कांग्रेस के 4 उम्मीदवार करोड़पति
कांग्रेस के कुल चार उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति घोषित की है। इनमें किरण गढ़वाल सबसे ऊपर हैं। वार्ड 57 की प्रत्याशी किरण गढ़वाल के पास 11.59 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति है।
वार्ड 45 से चुनाव लड़ रहे ऋषि बंशीवाल ने 4.92 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्ड 55 के विनोद आसनानी के पास 1.62 करोड़ रुपए और वार्ड 70 की गीता गुर्जर के पास 1.18 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति बताई गई है।
इस तरह कांग्रेस के करोड़पति उम्मीदवारों में संपत्ति के मामले में बड़ा अंतर दिखाई देता है। जहां सबसे अमीर उम्मीदवार के पास 11.59 करोड़ रुपए हैं, वहीं पार्टी के एक अन्य उम्मीदवार पुष्पेंद्र ओझा ने अपनी कुल संपत्ति शून्य घोषित की है।
निर्दलीय उम्मीदवार भी संपत्ति के मामले में आगे
अजमेर के चुनावी मुकाबले में केवल भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार ही संपत्ति के मामले में चर्चा में नहीं हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों में भी करोड़ों की संपत्ति वाले प्रत्याशी शामिल हैं।
वार्ड 4 से चुनाव लड़ रहीं हेमा गहलोत के पास कुल 3.80 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई गई है। हेमा गहलोत भाजपा से दो बार मेयर रह चुके धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हैं।
वहीं वार्ड 3 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहीं संध्या काबरा ने 2 करोड़ 84 लाख रुपए की कुल संपत्ति घोषित की है। दोनों उम्मीदवारों की संपत्ति उन्हें इस चुनाव में प्रमुख अमीर प्रत्याशियों की सूची में शामिल करती है।
नामांकन शपथपत्र से सामने आती है उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति
चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा दाखिल नामांकन और शपथपत्र मतदाताओं को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इन दस्तावेजों में उम्मीदवार अपनी चल और अचल संपत्ति समेत अन्य वित्तीय विवरण घोषित करते हैं।
अजमेर के चुनावी आंकड़ों में करोड़पति उम्मीदवारों के साथ-साथ बेहद कम या शून्य संपत्ति घोषित करने वाले प्रत्याशी भी सामने आए हैं। इससे चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति में व्यापक अंतर दिखाई देता है।
हालांकि, किसी उम्मीदवार की संपत्ति का आकार उसके राजनीतिक अनुभव, नीतियों या चुनाव जीतने की क्षमता का प्रत्यक्ष संकेत नहीं है। अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में होगा। घोषित संपत्ति के आंकड़े नामांकन पत्रों में दी गई जानकारी पर आधारित हैं और किसी भी विसंगति या बदलाव की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।










