जैसलमेर में 3 गाड़ियों से आए 15 लोगों ने युवक पर लाठी-सरियों से हमला कर हत्या कर दी। चश्मदीद ने धमकी मिलने की बात कही। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं।
जोहानसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के एक अनौपचारिक बस्ती इलाके में मंगलवार देर रात हुए भीषण गोलीकांड ने पूरे दक्षिण अफ्रीका को हिला कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और संदिग्धों की तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
कैसे हुआ हमला
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हमलावरों की संख्या 10 से अधिक थी। बताया जा रहा है कि सभी संदिग्ध एक सफेद रंग की टोयोटा क्वांटम वैन में आए थे और उन्होंने इलाके के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के नजदीक वाहन को रोका।
इसके बाद ये हथियारबंद लोग पैदल ही Cleveland की अनौपचारिक बस्ती में दाखिल हुए। उन्होंने बस्ती के दो अलग-अलग प्रवेश मार्गों से अंदर घुसकर लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि हमलावर अलग-अलग जगहों पर घूम-घूमकर लोगों को निशाना बनाते रहे और कुछ ही मिनटों में इलाके में दहशत फैल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी उसी वाहन में बैठकर मौके से फरार हो गए।
मृतकों और घायलों की स्थिति
इस गोलीबारी में कुल 12 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 8 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इसके अलावा 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस और आपात सेवाओं की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन मेडिकल सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस को रात करीब 11:10 बजे (स्थानीय समय) गोलीबारी की सूचना मिली थी।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची है ताकि गोलीबारी में इस्तेमाल हथियारों और अन्य सबूतों की जांच की जा सके।
पुलिस ने बताया कि हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और उनका मकसद भी स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है, जिसमें गैंगवार, आपसी रंजिश और संगठित अपराध की संभावना शामिल है।
दक्षिण अफ्रीका में बढ़ती हिंसा पर सवाल
South Africa लंबे समय से दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां हत्या और हिंसक अपराध की दर काफी अधिक मानी जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में हर दिन औसतन दर्जनों हत्याएं होती हैं।
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विशेष रूप से अनौपचारिक बस्तियों (informal settlements) में इस तरह की गोलीबारी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन इलाकों में बेरोजगारी, गरीबी और अवैध हथियारों की आसान उपलब्धता हिंसा को बढ़ावा देती है।
पिछले साल भी हुआ था बड़ा हमला
यह कोई पहली बड़ी घटना नहीं है। पिछले साल भी जोहान्सबर्ग के एक बार में हुई गोलीबारी में 9 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अवैध हथियार और अपराध नेटवर्क की भूमिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में बड़ी संख्या में अवैध हथियार मौजूद हैं। अनुमान है कि देश में लाखों अवैध बंदूकें अपराधियों के पास हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन हथियारों की आसान उपलब्धता ही मास शूटिंग और गैंगवार जैसी घटनाओं को बढ़ावा देती है। कई बार अपराधी छोटे विवादों को भी बड़े हिंसक हमलों में बदल देते हैं।
जांच के कई एंगल, सुरक्षा बढ़ाई गई
पुलिस ने कहा है कि इस मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह हमला किसी संगठित गिरोह द्वारा किया गया है या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी।
इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित तनाव या प्रतिशोध की घटना को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों में डर और दहशत
घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में भारी डर का माहौल है। कई परिवारों ने बताया कि अचानक हुई गोलीबारी से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे और हर तरफ चीख-पुकार मच गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर बेहद संगठित तरीके से आए थे और कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती को निशाना बना दिया।









